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शहर में चल रहे अवैध स्लाटर हाउस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:29 AM IST
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slaughter house
- फोटो : demo
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कसाई मंडी में अवैध रूप से चल रहे स्लाटर हाउस के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने तैयारियां कर ली हैं।
नगर निगम ने शासन/ जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी है कि शहर में कोई भी पशु वधशाला नहीं है। यह कार्य वार्ड नंबर 33 कसाई मंडी में हो रहा है। बिना लाइसेंस और बिना चिकित्सक की जांच किए पशुओं को काटा जा रहा है, जिससे अस्वच्छ एवं अनहाईजिनिक मीट की आपूर्ति शहर में हो रही है। इससे वायु प्रदूषण भी फैल रहा है, जिससे जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। नगर निगम अधिनियम 1959 में पशु वधशाला की व्यवस्था अनिवार्य कर्तव्यों में है। लेकिन, अवैध पशु कटान से हो रहे प्रदूषण को रोकना और शहरवासियों को स्वच्छ / हाईजिनिक मीट की आपूर्ति कराना नगर निगम की कर्तव्यों की परिधि में है। यही नहीं, वार्ड नंबर आठ के पार्षद मोतीलाल वर्मा, पूर्व पार्षद चंद्रभान आदिम व अन्य लोगों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर कसाई मंडी में अवैध तरीके से खुले में जानवरों को काटने की शिकायत की थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि स्लाटरिंग का काम बदस्तूर चल रहा है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम जल्द ही अवैध तरीके से होने वाली जानवरों को काटने के खिलाफ अभियान चलाएगा। साथ ही जो लोग अवैध तरीके से पशुओं को काट रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान का विरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
नहीं है स्लाटर हाउस
शहर के मुहल्ला खटकयाना में नगर निगम का स्लाटर हाउस था, जिसमें बकरे काटे जाते थे। इसी तरह सैंयर गेट मुहल्ले में भी नगर निगम का स्लाटर हाउस था, लेकिन दोनों स्लाटर हाउस पर कब्जे हो गए और दोनों गायब हो गए। इसी तरह भगवंतपुरा में एक प्राइवेट एजेंसी स्लाटरिंग का काम कर रही थी, लेकिन अब यह कार्य बंद हो गया है।
शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध तरीके से पशुओं की स्लाटरिंग की जा रही है, जबकि बिना लाइसेंस के यह कार्य नहीं होना चाहिए। जल्द ही पशु वध शालाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- डा. आरके निरंजन
पशु चिकित्साधिकारी
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नगर निगम ने शासन/ जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी है कि शहर में कोई भी पशु वधशाला नहीं है। यह कार्य वार्ड नंबर 33 कसाई मंडी में हो रहा है। बिना लाइसेंस और बिना चिकित्सक की जांच किए पशुओं को काटा जा रहा है, जिससे अस्वच्छ एवं अनहाईजिनिक मीट की आपूर्ति शहर में हो रही है। इससे वायु प्रदूषण भी फैल रहा है, जिससे जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। नगर निगम अधिनियम 1959 में पशु वधशाला की व्यवस्था अनिवार्य कर्तव्यों में है। लेकिन, अवैध पशु कटान से हो रहे प्रदूषण को रोकना और शहरवासियों को स्वच्छ / हाईजिनिक मीट की आपूर्ति कराना नगर निगम की कर्तव्यों की परिधि में है। यही नहीं, वार्ड नंबर आठ के पार्षद मोतीलाल वर्मा, पूर्व पार्षद चंद्रभान आदिम व अन्य लोगों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर कसाई मंडी में अवैध तरीके से खुले में जानवरों को काटने की शिकायत की थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि स्लाटरिंग का काम बदस्तूर चल रहा है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम जल्द ही अवैध तरीके से होने वाली जानवरों को काटने के खिलाफ अभियान चलाएगा। साथ ही जो लोग अवैध तरीके से पशुओं को काट रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान का विरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
नहीं है स्लाटर हाउस
शहर के मुहल्ला खटकयाना में नगर निगम का स्लाटर हाउस था, जिसमें बकरे काटे जाते थे। इसी तरह सैंयर गेट मुहल्ले में भी नगर निगम का स्लाटर हाउस था, लेकिन दोनों स्लाटर हाउस पर कब्जे हो गए और दोनों गायब हो गए। इसी तरह भगवंतपुरा में एक प्राइवेट एजेंसी स्लाटरिंग का काम कर रही थी, लेकिन अब यह कार्य बंद हो गया है।
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शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध तरीके से पशुओं की स्लाटरिंग की जा रही है, जबकि बिना लाइसेंस के यह कार्य नहीं होना चाहिए। जल्द ही पशु वध शालाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- डा. आरके निरंजन
पशु चिकित्साधिकारी