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तीन साल में भी तैयार नहीं हो सके गरीबों के आशियाने
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झांसी। शहर के गरीबों को खुद का आशियाना मुहैया करने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना को शुरू किया गया था। जिसके तहत करारी, अंबाबाय व सिमराहा में आवासों का निर्माण कार्य को शुरू हुआ लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी आवासों का कार्य अधूरा ही पड़ा हैै। जिसका खामियाजा आवंटियों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019 में आवास बनाने का काम प्रारंभ हुआ था। जिसके तहत करारी-1 में 756, करारी-5 में 1180, अंबाबाय में 624 व सिमराहा में 480 सहित 3040 आवास बनाए जाने थे। आवासों का निर्माण कार्य शुरू होते ही झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा आवेदन स्वीकार किए गए थे। जिसके तहत जिले भर से बीस हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए थे। आवेदनों की संख्या आवासों से अधिक होने के कारण मकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। आवंटन होने के बाद आवंटियों से पहली किश्त के रूप में पचास हजार रुपये जमा कराए गए थे। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में आवंटी झांसी विकास प्राधिकरण के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जेडीए सचिव दिनेश ने बताया कि बजट के अभाव में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बजट के लिए पूर्व में शासन को पत्र लिखा जा चुका है। बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य को शुरू कर आवंटियों को आवास हैंड ओवर कर दिए जाएंगे।
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साढ़े चार लाख रुपये है आवास की कीमत
योजना के तहत आवासों की कीमत साढ़े चार लाख रुपये तय की गई है। जिसके तहत आवंटी को दो लाख रुपये ही अदा करना है। जबकि डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार व एक लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा अदा किए जाएंगे।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019 में आवास बनाने का काम प्रारंभ हुआ था। जिसके तहत करारी-1 में 756, करारी-5 में 1180, अंबाबाय में 624 व सिमराहा में 480 सहित 3040 आवास बनाए जाने थे। आवासों का निर्माण कार्य शुरू होते ही झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा आवेदन स्वीकार किए गए थे। जिसके तहत जिले भर से बीस हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए थे। आवेदनों की संख्या आवासों से अधिक होने के कारण मकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। आवंटन होने के बाद आवंटियों से पहली किश्त के रूप में पचास हजार रुपये जमा कराए गए थे। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में आवंटी झांसी विकास प्राधिकरण के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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जेडीए सचिव दिनेश ने बताया कि बजट के अभाव में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बजट के लिए पूर्व में शासन को पत्र लिखा जा चुका है। बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य को शुरू कर आवंटियों को आवास हैंड ओवर कर दिए जाएंगे।
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साढ़े चार लाख रुपये है आवास की कीमत
योजना के तहत आवासों की कीमत साढ़े चार लाख रुपये तय की गई है। जिसके तहत आवंटी को दो लाख रुपये ही अदा करना है। जबकि डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार व एक लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा अदा किए जाएंगे।