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सरकार को अब आया अन्नदाताओं का ख्याल
ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2015 01:52 AM IST
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झांसी। सूखे की विभिषिका से झुलस रहे बुंदेलखंड की अब शासन ने सुध ली है। प्रदेश के मुख्य सचिव ने जिलों से इसकी रिपोर्ट मांगी है, जो भेज दी गई है।
कुदरत की मार से बुंदेलखंड का किसान बेहाल है। पिछले रबी सीजन में जहां भारी बारिश ने खेतों में बर्बादी का तांडव किया था, तो इसके बाद खरीफ सीजन में किसान पानी के लिए तरस गए। लगातार आ रही आपदाओं ने किसानों पर बज्रपात किया है। संकट का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले दो माह के दरम्यान बुंदेलखंड में दो दर्जन से अधिक किसान मौत के आगोश में समा चुके हैं।
सोमवार को भी एक किसान की मौत का मामला सामने आया है। बावजूद, सरकार मौन साधे हुए है और प्रशासनिक तंत्र भी कन्नी काटे है। खेत-खलिहान और अन्नदाताओं की इस हकीकत को अमर उजाला के 31 अक्तूबर के अंक में ‘बुंदेलखंड में अन्नदाता की मौत, सरकार मौन’ खबर के माध्यम से उठाया गया था। अब शासन को भी किसानों की बदहाली का ख्याल आया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलों से सूखे की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने जमीनी हकीकत शासन को बताने को कहा है। आनन-फानन में जिलों से यह रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज भी दी गई है।
मुख्य सचिव ने जिलों से सूखे के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। मंडल के तीनों जनपदों के डीएम द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई है, जिसे शासन को भेज दिया गया है।
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- के राममोहन राव, मंडलायुक्त
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कुदरत की मार से बुंदेलखंड का किसान बेहाल है। पिछले रबी सीजन में जहां भारी बारिश ने खेतों में बर्बादी का तांडव किया था, तो इसके बाद खरीफ सीजन में किसान पानी के लिए तरस गए। लगातार आ रही आपदाओं ने किसानों पर बज्रपात किया है। संकट का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले दो माह के दरम्यान बुंदेलखंड में दो दर्जन से अधिक किसान मौत के आगोश में समा चुके हैं।
सोमवार को भी एक किसान की मौत का मामला सामने आया है। बावजूद, सरकार मौन साधे हुए है और प्रशासनिक तंत्र भी कन्नी काटे है। खेत-खलिहान और अन्नदाताओं की इस हकीकत को अमर उजाला के 31 अक्तूबर के अंक में ‘बुंदेलखंड में अन्नदाता की मौत, सरकार मौन’ खबर के माध्यम से उठाया गया था। अब शासन को भी किसानों की बदहाली का ख्याल आया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलों से सूखे की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने जमीनी हकीकत शासन को बताने को कहा है। आनन-फानन में जिलों से यह रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज भी दी गई है।
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मुख्य सचिव ने जिलों से सूखे के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। मंडल के तीनों जनपदों के डीएम द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई है, जिसे शासन को भेज दिया गया है।
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- के राममोहन राव, मंडलायुक्त