अलसी और सरसों की बुआई करें किसान

अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 08 Oct 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
farmer, jhansi news
farmer, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी में किसानों को दलहनी फसलों में अलसी की बुआई करने की सलाह दी गई। इसके अलावा सरसों की बुआई में कुछ ऐहतियात बरतने को कहा गया, ताकि फसल का उत्पादन और बेहतर हो। 
विज्ञापन

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के प्रशासनिक भवन आडीटोरियम में आयोजित रबी गोष्ठी का शुभारंभ मंडलायुक्त के राममोहन राव ने किया। गोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्रा ने कहा कि रबी फसल के लिए वर्षा हो रही है, यह अच्छा संकेत है। किसान अलसी की बुआई करेंगे तो एक ओर जहां पानी की बचत होगी, दूसरी ओर फसल का वाजिब दाम भी मिलेगा। सरसों की फसल को अकेले बोएं तो उत्पादन बेहतर होगा। मऊरानीपुर के वैज्ञानिक डा. पी के सोनी ने सलाह दी कि फसल कटाई के बाद खेत की जुताई करना चाहिए, ताकि खरपतवार नष्ट हो जाएं। चना और अलसी मिलाकर बुआई करनी चाहिए। सरसों की बुआई करते समय खेत में ज्यादा बीज नहीं डालना चाहिए। कठिया गेहूं की बुआई करें। 
डा. ए के चौहान ने कहा कि सरसों की बीच चार अंगुल से अधिक गहराई में नहीं बोना चाहिए। पीली सरसों 90 से 95 दिन में पक जाती है। इसका उपयोग करें। इस मौके पर जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला, डीएम ललितपुर डा. रूपेश कुमार, डीएम जालौन संदीप कौर, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत कुमार चहल, संयुक्त निदेशक कृषि, उप निदेशक कृषि डा. यूपी सिंह, पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डा. रामाशीष सिंह उपस्थित रहे।  
किसानों ने बताईं समस्याएं 
- राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि बीज प्रमाणित आता है, लेकिन इसके बाद भी धोखा दे जाता है। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। नहर की लाइनिंग का काम हुआ था, इसकी जांच कराई जाए। बैंक  किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना रहे हैं। 
- रघुवंश सिंह ने कहा कि फसल बीमा योजना पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गढ़मऊ बांध खाली है, उसे भरवाया जाए। किसानों को सीजनल बिजली के कनेक्शन दिए जाएं।    
- एस. के. चतुर्वेदी ने कहा कि बैंक लापरवाही कर रहे हैं। उन्होंने आरसी जारी कर दी है, जबकि किसानों को तीन साल से लगातार नुकसान हो रहा है।
- ऊदल सिंह पटेल ने कहा कि ललितपुर के महरौनी, मड़ावरा और बिरधा ब्लाक की मिट्टी काली और मोटी है। यहां अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ, लेकिन जांच नहीं हुई।
- आर. डी. कुशवाहा ने कहा कि छुट्टा जानवरों से बहुत नुकसान होता है। यदि पुलिस और गांव वालों की बैठक कराकर समन्वय बनाया जाए तो जानवरों पर लगाम लग सकेगी। 
22 से चलेंगी नहरें
 रबी के लिए 22 अक्तूबर से नहरों का संचालन होगा। इसमें 22 अक्तूबर से पहूंज और गुरसराय नहर, 23 अक्तूबर से रानीपुर नहर चलेगी। 

खुली रहेंगी सहकारी समितियां
 आठ  से 12 अक्तूबर तक कार्यालयों में अवकाश है लेकिन सहकारी में समितियां खुली रहेंगी। यदि कोई समिति उक्त तिथियों में बंद मिली तो कार्रवाई होगी।

रबी गोष्ठी में रेशम विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों ने स्टाल लगाए और किसानों को विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us