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Jhansi News: पैथोलॉजी सेंटर संचालकों की मनमानी पर लगेगा अंकुशक
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पैथोलॉजी सेंटर संचालकों को मनमानी भारी पड़ेगी। मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी किए हैं। संचालकों को सेंटर पर प्रत्येक जांच की रेट लिस्ट चस्पा करनी होगी। तय से अधिक वसूली पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को मंडल के तीनों जिलों में पैथोलॉजी सेंटर संचालकों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दिनों मच्छरजनित बीमारियों का प्रभाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में पैथोलॉजी सेंटरों में भी मरीजों की भरमार बनी हुई है। इसी का फायदा उठाते हुए पैथोलॉजी सेंटर मनमानी पर उतारू हैं। ज्यादातर सेंटरों में जांचों की रेट लिस्ट चस्पा नहीं है। मरीजों से वह मनमानी फीस लेते हैं। इसके अलावा, अप्रशिक्षित स्टाफ के जरिये जांच का काम कराया जाता है। अमर उजाला की ओर से लगाया लगातार संचालकों की इस मनमानी को उठाया जा रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे का रुख सख्त है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत डेंगू की जांच के निर्धारित 600 रुपये से अधिक वसूल नहीं किए जा सकेंगे।
इसके अलावा, अन्य जांचों की रेट लिस्ट भी मोटे-मोटे अक्षरों में पैथोलॉजी सेंटरों में चस्पा करनी होगी। मरीज को ली गई फीस की रसीद भी उपलब्ध करानी होगी। जांच जैसे संवेदनशील काम प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से ही कराना होगा। मंडलायुक्त ने मंडल के तीनों जिलों में इसकी जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच जिलास्तरीय अधिकारी को खुद करनी होगी। साथ ही कहा है कि तीनों जनपदों में पैथोलॉजी संचालकों की बैठक भी बुला ली जाए, जिसमें उन्हें स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे।
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झांसी। पैथोलॉजी सेंटर संचालकों को मनमानी भारी पड़ेगी। मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी किए हैं। संचालकों को सेंटर पर प्रत्येक जांच की रेट लिस्ट चस्पा करनी होगी। तय से अधिक वसूली पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को मंडल के तीनों जिलों में पैथोलॉजी सेंटर संचालकों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दिनों मच्छरजनित बीमारियों का प्रभाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में पैथोलॉजी सेंटरों में भी मरीजों की भरमार बनी हुई है। इसी का फायदा उठाते हुए पैथोलॉजी सेंटर मनमानी पर उतारू हैं। ज्यादातर सेंटरों में जांचों की रेट लिस्ट चस्पा नहीं है। मरीजों से वह मनमानी फीस लेते हैं। इसके अलावा, अप्रशिक्षित स्टाफ के जरिये जांच का काम कराया जाता है। अमर उजाला की ओर से लगाया लगातार संचालकों की इस मनमानी को उठाया जा रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे का रुख सख्त है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत डेंगू की जांच के निर्धारित 600 रुपये से अधिक वसूल नहीं किए जा सकेंगे।
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इसके अलावा, अन्य जांचों की रेट लिस्ट भी मोटे-मोटे अक्षरों में पैथोलॉजी सेंटरों में चस्पा करनी होगी। मरीज को ली गई फीस की रसीद भी उपलब्ध करानी होगी। जांच जैसे संवेदनशील काम प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से ही कराना होगा। मंडलायुक्त ने मंडल के तीनों जिलों में इसकी जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच जिलास्तरीय अधिकारी को खुद करनी होगी। साथ ही कहा है कि तीनों जनपदों में पैथोलॉजी संचालकों की बैठक भी बुला ली जाए, जिसमें उन्हें स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे।
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