फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: Jhansi's air quality is better than that of the number one city, Rourkela—so why were points deducted?

Jhansi: जिसे मिला नंबर एक ताज, उससे बेहतर झांसी की हवा, फिर भी फिसली रैकिंग; नगर निगम ने लिखा पत्र

Fri, 25 Sep 2026 02:52 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 25 Sep 2026 02:52 AM IST
सार

राउरकेला की तुलना में झांसी में पीएम-10 का औसत स्तर काफी कम है। इसके बावजूद स्व-मूल्यांकन में मिले 195 अंकों में से झांसी के ढाई अंक कम कर दिए गए।

विज्ञापन
Jhansi: Jhansi's air quality is better than that of the number one city, Rourkela—so why were points deducted?
नगर निगम, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में तीन से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में ओडिशा का राउरकेला नगर निगम देश में पहले और झांसी पांचवें स्थान पर रहा है। हैरानी की बात यह है कि राउरकेला की तुलना में झांसी में पीएम-10 का औसत स्तर काफी कम है। इसके बावजूद स्व-मूल्यांकन में मिले 195 अंकों में से झांसी के ढाई अंक कम कर दिए गए।
विज्ञापन

रैंकिंग जारी होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र भेजकर अंक काटने का आधार और संबंधित घटक की जानकारी मांगी है। बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत हर साल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण कराया जाता है।
विज्ञापन


इस बार देशभर के 130 शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था। 19 अगस्त को केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम ने झांसी पहुंचकर स्वच्छ वायु से जुड़े मानकों का स्थलीय सत्यापन किया था। इसके बाद सात सितंबर को मंत्रालय ने सर्वेक्षण की रैंकिंग जारी की। तीन से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में झांसी को 192.5 अंक मिले और वह पांचवें स्थान पर रहा। पिछले साल की तुलना में झांसी तीन पायदान नीचे खिसका है। वहीं, 198.5 अंक के साथ राउरकेला पहले स्थान पर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्व-मूल्यांकन में मिले थे 195 अंक
रैंकिंग जारी होने के बाद नगर निगम ने अंकों में अंतर को लेकर मंत्रालय को पत्र भेजा। नगर आयुक्त की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि निगम ने सर्वेक्षण के लिए अपनी स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट अपलोड की थी, जिसमें 195 अंक दर्शाए गए थे। स्थलीय सत्यापन के दौरान टीम ने स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ जमा किए गए दस्तावेज और सहायक रिकॉर्ड भी देखे थे। निगम के अनुसार, सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में कोई विशेष विसंगति, कमी या त्रुटि नहीं बताई गई। इसके बावजूद अंतिम परिणाम में 2.5 अंक कम कर दिए गए। अब नगर निगम प्रशासन ने मंत्रालय से पूछा है कि ये अंक किस आधार पर काटे गए। साथ ही, किस घटक में कितने अंक कम किए गए और उसका कारण क्या रहा, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।

झांसी का पीएम-10 का औसत स्तर 72 तो राउरकेला का 94
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल झांसी नगर निगम क्षेत्र में पीएम-10 का औसत स्तर 72 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। पिछले साल यह 64 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था। वहीं, राउरकेला में इस साल पीएम-10 का औसत स्तर 94 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा, जो पिछले साल 114 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था।
इस तरह इस साल राउरकेला की तुलना में झांसी का पीएम-10 औसत 22 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर कम रहा। इसके बावजूद रैंकिंग में राउरकेला झांसी से ऊपर रहा। इसी अंतर को लेकर नगर निगम प्रशासन ने अंतिम अंक निर्धारण की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है।


यह बोले नगर आयुक्त
झांसी की हवा कई शहरों की तुलना में बेहतर है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में ढाई अंक कम किए जाने को लेकर नगर निगम की ओर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। इसमें अंक काटने का आधार और संबंधित घटक की जानकारी मांगी गई है। - राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed