झांसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के स्ट्राइड (स्कीम फार ट्रांसडिसिप्लिनरी रिसर्च फार इंडियास डेवलपिंग) इकॉनमी कंपोनेंट के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में टीचिंग, एग्जामिनेशन एंड रिसर्च एथिक्स (शिक्षण, परीक्षा और अनुंसधान में नैतिकता) विषय पर सात दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट का शुभारंभ हुआ। विशिष्ट अतिथि बुवि के पूर्व कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने ‘टीचिंग एथिक्स एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मल्टिपल एग्जिट एंड एंट्री ऑप्शन’ के महत्व के बारे में बताया।
पहले दिन रविवार को प्रति कुलपति प्रो. कटियार ने शिक्षण एवं शोध में नैतिकता की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि एक शिक्षक को स्वप्रेरित इकाई के रूप में खुद को विकसित करना चाहिए। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के प्रो. आनंद कर, भारतीय औषधि विज्ञान शोध संस्थान लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक प्रो. आदित्य भूषण पंत, केंद्रीय औषधि अनुसन्धान केंद्र के पूर्व उपनिदेशक प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव एवं मिजोरम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रामबीर सिंह द्वारा सोमवार को व्याख्यान दिए जाएंगे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से कुल 50 से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। तीन से नौ अक्तूबर तक चलने वाले उक्त सात दिवसीय कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, परीक्षा, मूल्यांकन एवं शिक्षण के उसूल, उत्कृष्ट शिक्षण के आधार, शिक्षण के नए माध्यम, प्रोजेक्ट एवं पेपर राइटिंग आदि पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।