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Jhansi News: सुनील ने जीता पहला स्थान, अथर्व के जज्बे ने जीता सबका दिल
Mon, 10 Aug 2026 02:24 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:24 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय स्थित बेसिक में रविवार को स्ट्रैटेजिक माइंड चेस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग और स्तर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर बिसात पर एकाग्रता, धैर्य और रणनीतिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के मुख्य मुकाबलों में सुनील सेन ने पहला, भरत चौबे ने दूसरा और रोहित पालिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा एसएमसी कैटेगरी में कर्तव्य रामपाल, रुद्र सोनी, रुद्राक्ष पाठक, उद्भव साहू और राजवीर शिवहरे ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी की चाल को भांपने और बेहतर रणनीति बनाकर निर्णय लेने की अपनी अद्भुत क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम में प्रोफेसर सुनील काबिया, शशांक चंद्रा, नमन कौशिक, प्रथम चौधरी, दीपेश पचौरी और प्रियांक आदि मौजूद रहे।
नन्हे अथर्व ने दिखाया हौसला
मात्र पांच वर्ष के अथर्व गुप्ता ने इस प्रतियोगिता में अपने खेल से सभी को गहरे रूप से प्रभावित किया। अथर्व का मुकाबला उनसे लगभग 35 वर्ष बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ सात चरणों में हुआ। हालांकि बड़े खिलाड़ियों के सामने उन्हें संघर्ष करना पड़ा और वह मुकाबला हार गए, लेकिन नन्हे अथर्व की हिम्मत, एकाग्रता और अटूट आत्मविश्वास ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
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प्रतियोगिता के मुख्य मुकाबलों में सुनील सेन ने पहला, भरत चौबे ने दूसरा और रोहित पालिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा एसएमसी कैटेगरी में कर्तव्य रामपाल, रुद्र सोनी, रुद्राक्ष पाठक, उद्भव साहू और राजवीर शिवहरे ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी की चाल को भांपने और बेहतर रणनीति बनाकर निर्णय लेने की अपनी अद्भुत क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम में प्रोफेसर सुनील काबिया, शशांक चंद्रा, नमन कौशिक, प्रथम चौधरी, दीपेश पचौरी और प्रियांक आदि मौजूद रहे।
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नन्हे अथर्व ने दिखाया हौसला
मात्र पांच वर्ष के अथर्व गुप्ता ने इस प्रतियोगिता में अपने खेल से सभी को गहरे रूप से प्रभावित किया। अथर्व का मुकाबला उनसे लगभग 35 वर्ष बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ सात चरणों में हुआ। हालांकि बड़े खिलाड़ियों के सामने उन्हें संघर्ष करना पड़ा और वह मुकाबला हार गए, लेकिन नन्हे अथर्व की हिम्मत, एकाग्रता और अटूट आत्मविश्वास ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
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