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गर्मियों में विकराल हो जाएगा पानी का संकट

Sat, 20 Mar 2021 01:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 01:22 AM IST
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Summer will be water crisis in jhansi
झांसी। हालात यही रहे तो महानगर में गर्मियों में पानी का संकट विकराल रूप ले लेगा। कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां अभी समस्या बहुत बढ़ गई है। भांडेरी गेट इलाके में तो अभी ही लोगों को गड्ढे खोद कर उनमें पानी भरना पड़ रहा है।
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शहर में 12 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं जहां पूरी तरह निर्भरता जलसंस्थान के टैंकरों पर हो जाती है। माताटीला बांध से जो पानी आता है, वह पर्याप्त नहीं होता। शहर वासियों को 78.51 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में 65.47 एमएलडी पानी मिल पाता है। एक एमएलडी में 10 लाख लीटर पानी होता है।
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सबसे अधिक पानी की समस्या बाहर बड़ागांव गेट क्षेत्र के लोगों को झेलनी पड़ती है। इस वार्ड में मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी समेत आसपास के अन्य मोहल्लों में हो जाती है। यहां जलस्तर कम होने पर हैंडपंप पानी देना बंद कर देते है। ऐसे में लोगों को जल संस्थान के टैंकरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। जलस्तर कम होने से कई मोहल्लोें में हैंडपंप पानी नहीं देते।
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महानगर के पानी पर एक नजर
जनसंख्या - 505693
ट्यूबवेल - 29
हैंडपंप - 3286
रीबोर लायक हैंडपंप - 56
पानी की आवश्यकता - 78.51 एमएलडी
पानी की उपलब्धता - 65.47 एमएलडी
पानी की कमी- 13.04 एमएलडी
(नोट: एक एमएलडी - 10 लाख लीटर पानी)
इन क्षेत्रों में सर्वाधिक पानी संकट
वीरांगना नगर, महाराणा प्रताप नगर, मयूर विहार कॉलोनी, राजपूत कॉलोनी, डड़ियापुरा, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, सिल्वर्टगंज, गरियागांव, खैरागांव, सरांय, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, ताज कंपाउंड, मुरारी नगर, सूजे खां खिड़की, कपूर टेकरी, दरीगरान, मुकरयाना, बिसातखाना, बाहर उन्नाव गेट, अलीगोल, मेवातीपुरा आदि में गर्मियों में पानी का संकट गहरा जाता है।
पानी का संकट कम करने के लिए जल संस्थान ने शुरू की तैयारी
झांसी। गर्मियों में पानी के कारण महानगरवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। हैंडपंपों की मरम्मत की जा रही हैं। बड़ागांव गेट बाहर लगे ट्यूबवेल में अतिरिक्त पाइप बढ़ाए गए हैं। बड़ागांव गेट बाहर पानी के टैंकर चलाने शुरू कर दिए गए हैं।
बड़ागांव गेट बाहर सूजे खां खंती के पास ट्यूबवेल लगा है, लेकिन पास में ही एकलव्य पार्क में ट्यूबवेल लग जाने की वजह से इस ट्यूबवेल में पानी कम हो गया। पानी की मोटर भी ट्यूबवेल में गिर गई थी। इस कारण आपूर्ति ठप हो गई थी। जल संस्थान ने यहां पर काम शुरू करा दिया। ट्यूबवेल में पांच अतिरिक्त पाइप और बढ़ा दिए गए हैं। लेकिन यहां पर पानी का स्तर बहुत कम है। इसलिए लगता नहीं कि इस बार गर्मियों में क्षेत्रवासियों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसके अलावा गर्मियों में जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए चालीस टैंकर तैयार हैं। इसमें से तीस नए टैंकर हैं। इसके अलावा हैंडपंप रिपेयरिंग के लिए छह टीमें प्रतिदिन काम कर रही हैं। जलसंस्थान के पास हैंडपंप रिपेयरिंग का पर्याप्त सामान है। प्रतिदिन 20 से 22 हैंडपंप की रिपेयरिंग की जा रही है। लगभग सभी में एक पाइप अतिरिक्त बढ़ाया जा रहा है।
प्रति व्यक्ति खर्च 30 से 55 लीटर पानी
प्रत्येक व्यक्ति 30 से 40 लीटर पानी प्रतिदिन उपयोग करता है। एक दिन में एक व्यक्ति औसतन आठ गिलास पानी पीने के लिए उपयोग करता है। बाकी पानी अन्य कार्यों में खर्च करता है। गर्मियों में पानी की खपत बढ़ जाती है और करीब 60 लीटर पानी खर्च करता है। इस तरह औसत खर्च 30 से 55 लीटर आता है।

गर्मियों में महानगर वासियों को पानी की किल्लत न हो, इसलिए हैंडपंप दुरुस्त कराए जा रहे हैं। टैंकर भी चलाए जा रहे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को पानी की दिक्कत न हो।
- कुलदीप कुमार, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान
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