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सूफियाना गीतों से सजी महोत्सव की शाम
Sun, 30 Dec 2018 01:54 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:54 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी शिल्प महोत्सव में शनिवार को किले की तलहटी में स्थित मुक्ताकाशी मंच पर बुंदेली कलाकारों ने राई नृत्य की शानदार प्रस्तुति की। कत्थक भी देखने को मिला। विजार्ड बैंड के कलाकारों ने सूफी शैली में गीतों की प्रस्तुति कर दर्शकों को बांधे रखा। इसके अलावा ‘पति चाहिए’ नाटक के माध्यम से पति-पत्नी के रिश्ते को दर्शाया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत विजार्ड बैंड की प्रस्तुति से हुई। बैंड के कलाकारों ने ‘तेरे मस्त मस्त दो नैन.., ‘ये कबीरा मान जा...‘’ और ‘तोसे नैना जबसे मिले...’ गीत सूफी अंदाज में सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी। आशिफ अली के गीत ‘इश्क सूफियाना...’ पर खूब तालियां बजीं। इसके बाद शगुफ्ता खान ने कथक नृत्य की प्रस्तुति की। श्रेया गौर ने ‘कान्हा सोजा रे...’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद मंच पर आए राहुल ने मेरे ‘रश्के कमर...’ पर शानदार प्रस्तुति दी। ‘क्या से क्या हो गया...’ पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। बुंदेली कलाकार निशांत भदौरिया ग्रुप ने ‘ओरछा बिराजे राजा राम...’ गीत पर राई नृत्य प्रस्तुत किया।
लखनऊ से आई अनादि सांस्कृतिक शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था ने ‘पति चाहिए’ हास्य नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से बताया गया है कि शादी के बाद पति और पत्नी अक्सर एक - दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं कि मेरा अहसान मानो कि मैंने तुमसे शादी कर ली, वरना तुम्हारा न जाने क्या होता। नाटक में बताया गया कि ये स्थिति रिश्तों के लिहाज से ठीक नहीं है। नाटक में पति और पत्नी यह संदेश देने में कामयाब रहते हैं कि रिश्ते भगवान के यहां से तय होते हैं। नाटक में अभिनय अनिशा सक्सेना, रितू भट्ट, ज्ञानेश्वर मिश्रा, विकास यादव, मयंक यादव, अविनाश, राम नारायण जायसवाल ने किया। नाटक की परिकल्पना मुन्नी देवी ने की। पंजाबी रॉक स्टार रॉकी गिल ने संचालन किया।
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कार्यक्रम की शुरूआत विजार्ड बैंड की प्रस्तुति से हुई। बैंड के कलाकारों ने ‘तेरे मस्त मस्त दो नैन.., ‘ये कबीरा मान जा...‘’ और ‘तोसे नैना जबसे मिले...’ गीत सूफी अंदाज में सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी। आशिफ अली के गीत ‘इश्क सूफियाना...’ पर खूब तालियां बजीं। इसके बाद शगुफ्ता खान ने कथक नृत्य की प्रस्तुति की। श्रेया गौर ने ‘कान्हा सोजा रे...’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद मंच पर आए राहुल ने मेरे ‘रश्के कमर...’ पर शानदार प्रस्तुति दी। ‘क्या से क्या हो गया...’ पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। बुंदेली कलाकार निशांत भदौरिया ग्रुप ने ‘ओरछा बिराजे राजा राम...’ गीत पर राई नृत्य प्रस्तुत किया।
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लखनऊ से आई अनादि सांस्कृतिक शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था ने ‘पति चाहिए’ हास्य नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से बताया गया है कि शादी के बाद पति और पत्नी अक्सर एक - दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं कि मेरा अहसान मानो कि मैंने तुमसे शादी कर ली, वरना तुम्हारा न जाने क्या होता। नाटक में बताया गया कि ये स्थिति रिश्तों के लिहाज से ठीक नहीं है। नाटक में पति और पत्नी यह संदेश देने में कामयाब रहते हैं कि रिश्ते भगवान के यहां से तय होते हैं। नाटक में अभिनय अनिशा सक्सेना, रितू भट्ट, ज्ञानेश्वर मिश्रा, विकास यादव, मयंक यादव, अविनाश, राम नारायण जायसवाल ने किया। नाटक की परिकल्पना मुन्नी देवी ने की। पंजाबी रॉक स्टार रॉकी गिल ने संचालन किया।
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