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बैंक हड़ताल से थमा लेनदेन, 200 करोड़ का नुकसान

Thu, 27 Dec 2018 12:19 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Thu, 27 Dec 2018 12:19 AM IST
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stop tranjection in bank strike
strike - फोटो : strike
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूबीएफबीयू) के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। सीपरी बाजार स्थित ध्यानचंद स्टेडियम के सामने एसबीआई मेन ब्रांच पर सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार की विलय नीति का विरोध किया। बुधवार को क्लीयरेंस हाउस का काम ठप होने से लेन-देन रुक गया। इससे 200 करोड़ का नुकसान हुआ है। तो दूसरी ओर ग्राहक परेशान रहे।
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जिला संयोजक अशोक कुमार महावर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकों की प्रमुख समस्या खराब ऋण है। बैंकों का विलय इन खराब ऋणों को वसूलने का समाधान नहीं है। जबकि, सरकार को नुकसान पहुंचाने वाले कारपोरेट और दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही की जरूरत है। अनिल खत्री ने कहा कि एकीकरण का प्रस्ताव सरकार का अनुचित निर्णय है। बैंक कर्मचारी इसके विरुद्ध देश व्यापी हड़ताल कर अपना प्रतिरोध व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में सहयोगी बैंकों के विलय से कोई चमत्कार नहीं हुआ। इस विलय से बैंक शाखाओं की बंदी, कर्मचारियों की कम संख्या, व्यवसाय में कमी और खराब ऋणों में वृद्धि हुई है।
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ज्ञानेंद्र मोहन ने कहा कि जो बैंक सदियों से अस्तित्व में हैं और देश की अर्थ व्यवस्था में अच्छा योगदान कर रहे हैं। उनका एकाएक अस्तित्व समाप्त हो जाना देश के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। वक्ताओं में भान सिंह, सुशील साहू, सुशील तिवारी, राजेश सोनकर, पीके तिवारी, अनुराग पाठक ने सरकार की नीतियों का विरोध जताया। प्रदर्शन में रौनक जैन, साक्षी अग्रवाल, सुधीर सक्सेना, रेनू, सज्जन तिवारी, राजकुमार मौजूद रहे।
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