फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   SP: Chacha or go with the 'nephews' with

सपा: ‘चाचा’ के साथ जाऊं या ‘भतीजे’ के साथ

Mon, 24 Oct 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 24 Oct 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
SP: Chacha or go with the 'nephews' with
samajwadi party news - फोटो : demo
 समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में चल रहे उठापटक के कारण कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह के साथ जाएं या उनके भतीजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमे में खड़े हों। ज्यादातर नेता भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। इन हालातों में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा संगठन की गतिविधियां ठंडी पड़ गई हैं।
विज्ञापन

समाजवादी पार्टी में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह को मंत्री मंडल से बर्खास्त किया, तो इसके तुरंत बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश के करीबी प्रो. रामगोपाल यादव को पार्टी से चलता कर दिया। सपा दो फाड़ की कगार पर है। बावजूद, कार्यकर्ता अब भी खुलकर किसी भी खेमे में खड़े होने से बच रहे हैं। वह अभी हवा का रुख भांप रहे हैं।
विज्ञापन

कमोबेश यही स्थिति पार्टी के ज्यादातर नेताओं की भी है। अखिलेश व शिवपाल में से वह किसके साथ हैं, वह इस सवाल के जवाब से बच रहे हैं। सपा के प्रदेश सचिव संत सिंह सेरसा व पार्टी नेता आर पी निरंजन इस मसले पर कुछ भी कहने से कन्नी काट गए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा विष्णु राय भी बचती नजर आईं। उन्होंने कहा कि उनकी आस्था सपा में है और आगे भी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्टी में जारी शह - मात के खेल का असर धरातल पर भी नजर आने लगा है। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता ऊहापोह की स्थिति में हैं। इससे विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सपा अन्य दलों से लगातार पिछड़ती जा रही है।


सांसद का इशारा, विधायक दो टूक
झांसी। सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव खुलकर कुछ भी कहने से बचे, लेकिन उन्होंने रामगोपाल के निष्कासन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अपनी आगे की सियासी गणित का इशारा जरूर कर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े संघर्ष के साथ पार्टी खड़ी की गई थी, लेकिन आज जो स्थिति बन गई है वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से अच्छी नहीं है। इससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि, गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने दो टूक लहजे में स्पष्ट कर दिया कि वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैं। इसमें किसी तरह के भ्रम की स्थिति ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed