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किसी ने हटाई, तो किसी की जगमगाई बत्ती

Sat, 22 Apr 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 22 Apr 2017 12:57 AM IST
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Somebody removed, then someone's illuminating light
hooter - फोटो : demo
लाल और नीली बत्ती का मोह किसी ने तो तुरंत छोड़ दिया तो किसी से छूटने का नाम नहीं ले रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कुछ अफसरों ने अपनी कारों से बत्तियां हटा दी हैं। वहीं कई अफसर कुछ दिन और बत्तियों का आनंद लेना चाह रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने लाल, नीली बत्ती के वीआईपी कल्चर को एक मई से खत्म करने का आदेश दिया है। सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ कर किसी को भी नीली बत्ती लगाने का अधिकार नहीं होगा। आदेश पर एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सभी अफसरों और मंत्रियों से अपनी गाड़ियों पर लगी बत्तियां तुरंत हटाने को कहा था। योगी के आदेश जारी होते ही शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने अपनी गाड़ी से स्वयं लाल बत्ती निकाल दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तक संवैधानिक व्यवस्था के तहत उनकी गाड़ी पर लाल बत्ती लगी थी, परंतु अब सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया है। नियमों का अनुपालन करना जिले की प्रथम नागरिक होने के नाते मेरा पहला कर्तव्य है, जिससे गाड़ी से बत्ती हटा दी गई है। 
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जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा कई अफसरों ने भी अपनी गाड़ियों से नीली बत्ती गुल कर दी। वहीं कई सीडीओ नवनीत सिंह चहल समेत कई अफसरों की गाड़ियों की शोभा नीली बत्ती शुक्रवार शाम तक बढ़ा रही थी।
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विकास भवन में राहत, शांति और सन्नाटा दिखा
शुक्रवार को विकास भवन में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी राहत की सांस लेते दिखे, फरियादियों के न आने से शांति और सन्नाटा पसरा रहा। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हुए दौरे के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने थकान उतारने के लिए छुट्टी ले ली तो कई ऑफिस लेट आए और जल्दी चले गए। विकास भवन में काम तो नाम मात्र को हुआ, कर्मचारी दौरे की समीक्षा करते ज्यादा नजर आए।


कार्रवाई का था खौफ
विकास भवन में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक की तैयारियों को लेकर सभी विभागों में काफी पहले से काम शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक सकुशल निपटने व किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई न होने से सभी ने राहत की सांस ली। पिछली सरकार की योजनाओं में हुई खामियों को लेकर हर विभाग में खौफ का माहौल बना हुआ था।
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