झांसी। मंगलवार को ललितपुर के पाली थाने में दुष्कर्म पीड़िता के साथ थाना परिसर में ही दरिंदगी करने के आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। ललितपुर पुलिस ने भी महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एडीजी ने थाने के समूचे स्टाफ को लाइनहाजिर कर दिया है। इस घटना के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ललितपुर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब मुख्यमंत्री का बुलडोजर थाने पर चलेगा?
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई 13 साल की किशोरी के साथ 27 अप्रैल को पाली थाने के एसओ तिलकधारी सरोज ने थाना परिसर में बने अपने आवास में दुष्कर्म किया था। किशोरी को थानाध्यक्ष ने उसकी मौसी के जरिए बयान दर्ज करने के बहाने बुलाया था। इसका खुलासा किशोरी द्वारा चाइल्ड लाइन को दिए गए बयान से हुआ था। इस मामले में मंगलवार को एसओ समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद एसओ तिलकधारी सरोज फरार हो गया था, जिसे बुधवार की शाम प्रयागराज से पकड़ा गया। इसके अलावा पांच अन्य आरोपियों राजभान, महेंद्र चौरसिया, हरिशंकर अहिरवार चंदन अहिरवार और षड्यंत्र में शामिल पीड़िता की मौसी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एडीजी ने भानु भास्कर ने पाली थाने के 29 कर्मचारियों के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया। घटना की जांच डीआईजी जोगेंद्र कुमार को सौंपी गई है। उनसे 24 घंटे में पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।