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ईको फ्रेंडली होगा ‘स्मार्ट सिटी’
ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2015 02:06 AM IST
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महानगर को स्मार्ट बनाने के लिए पर्यावरण का विशेष ख्याल रखा जाएगा। विकास
कार्यों के साथ पौधरोपण अनिवार्य रहेगा। सड़क किनारे व डिवाइडरों पर
सुंदरता बढ़ाने वाले पौधे रोपे जाएंगे। हरियाली से शहर की सुंदरता भी
बढ़ेगी और पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा। यह सुझाव दिल्ली के एयरो सिटी में
स्थित जेडब्लू मैरियेट होटल में आयोजित आइडिया कैंप में दिया गया।
आईडिया कैंप में भाग लेकर लौटीं महापौर किरन राजू बुकसेलर ने बताया कि जन सहभागिता से शहर को स्मार्ट बनाना है। कैंप में बताया गया कि स्मार्ट सिटी बनाने में शहर की पहचान और संस्कृति का विशेष ख्याल रखा जाए। रोजगार के अवसर पैदा कर आर्थिक विकास भी किया जाए। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, फुटपाथ की व्यवस्थाएं, संचार सेवाएं, पेयजल व विद्युत सप्लाई की व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
विकास कार्यों को इस तरीके से कराना है कि पर्यावरण पर इसका विपरीत असर न पड़े। हवा और पानी शुद्ध रखना स्मार्ट सिटी की प्राथमिकताओं में शामिल है। कचरा प्रबंधन के साथ गंदे पानी के प्रबंधन की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी होगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए जन सुरक्षा, खुले वातावरण, ई-गर्वनेंस सहित 24 बिंदुओं पर सुझाव साझा किए गए। स्मार्ट सिटी को ईको फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया गया।
पेपर वर्क नहीं, सिर्फ पावर प्रेजेंटेशन
आमतौर पर कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को पपंलेट, फोल्डर आदि दिए जाते हैं। लेकिन, स्मार्ट सिटी की कार्यशालाओं में पेपर वर्क नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली में हुए आईडिया कैंप में पंपलेट, फोल्डर आदि नहीं बांटे गए, वहीं ब्राजील में हुई वेस्ट मैनेजमेंट की कार्यशाला में भी पंपलेट, फोल्डर आदि नहीं दिए गए। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि ब्राजील में हुई कार्यशाला में पावर प्रेजेंटेशन से ही योजना समझाई गई।
आईडिया कैंप में भाग लेकर लौटीं महापौर किरन राजू बुकसेलर ने बताया कि जन सहभागिता से शहर को स्मार्ट बनाना है। कैंप में बताया गया कि स्मार्ट सिटी बनाने में शहर की पहचान और संस्कृति का विशेष ख्याल रखा जाए। रोजगार के अवसर पैदा कर आर्थिक विकास भी किया जाए। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, फुटपाथ की व्यवस्थाएं, संचार सेवाएं, पेयजल व विद्युत सप्लाई की व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
विकास कार्यों को इस तरीके से कराना है कि पर्यावरण पर इसका विपरीत असर न पड़े। हवा और पानी शुद्ध रखना स्मार्ट सिटी की प्राथमिकताओं में शामिल है। कचरा प्रबंधन के साथ गंदे पानी के प्रबंधन की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी होगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए जन सुरक्षा, खुले वातावरण, ई-गर्वनेंस सहित 24 बिंदुओं पर सुझाव साझा किए गए। स्मार्ट सिटी को ईको फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया गया।
पेपर वर्क नहीं, सिर्फ पावर प्रेजेंटेशन
आमतौर पर कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को पपंलेट, फोल्डर आदि दिए जाते हैं। लेकिन, स्मार्ट सिटी की कार्यशालाओं में पेपर वर्क नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली में हुए आईडिया कैंप में पंपलेट, फोल्डर आदि नहीं बांटे गए, वहीं ब्राजील में हुई वेस्ट मैनेजमेंट की कार्यशाला में भी पंपलेट, फोल्डर आदि नहीं दिए गए। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि ब्राजील में हुई कार्यशाला में पावर प्रेजेंटेशन से ही योजना समझाई गई।