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‘स्मार्ट’ कैसे होगी तंग गलियों वाली ‘सिटी’
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 28 Sep 2015 01:12 AM IST
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झांसी। स्मार्ट सिटी योजना में झांसी के चुने जाने की जितनी खुशी नगर निगम को है, उतनी ही टेंशन है कि तंग गलियों वाले बाजारों को स्मार्ट कैसे बनाया जाएगा। शहर में पार्किंग की समस्या है। बाजार में लोग जाम के झाम से परेशान हैं।
नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें से लगभग सौ किलोमीटर की सड़के ऐसी हैं, जो तंग हैं। समस्या यहां तंग गलियों की नहीं है। समस्या है नगर के सबसे व्यस्ततम बाजार की तंग गलियां। शहर का प्रमुख बाजार किले की तलहटी में बसा है। बड़ा बाजार, मानिक चौक, सर्राफा बाजार, सुभाषगंज, गांधी रोड शहर के वह बाजार हैं, जहां दिन भर में हजारों लोगों का आवागमन होता रहता है। यहां पार्किंग के लिए सिर्फ रानी महल पर व्यवस्था है, जो ना काफी है। ऐसे में यहां खरीदारी करने आने वाले लोग दुकानों के सामने ही अपने वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम की समस्या और बढ़ जाती है।
पार्किंग में बाधक पुरातत्व विभाग
नगर निगम ने खंडेराव गेट और तहसील के बीच में गांधी भवन के पास, मिनर्वा पर शनि मंदिर के पास व कोतवाली के पास दो स्थानों पर पार्किंग बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया था। चार में से तीन स्थान पुरातत्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं, जबकि चौथा स्थान नगर निगम का होने के बावजूद किला के नजदीक होने के कारण वहां निर्माण कार्य के लिए पुरातत्व विभाग से सहमति लेना जरूरी है। महापौर किरन राजू बुकसेलर ने पार्किंग के लिए पुरातत्व विभाग को पत्र लिखने की बात तो कही है, लेकिन जिला स्तर पर विभाग की सहमति मिल पाना संभव नहीं है।
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व्यापारियों के प्लान पर नहीं हुआ काम
बाजार में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए मानिक चौक व्यापार मंडल ने वन-वे ट्रैफिक का नक्शा बनाकर नगर निगम को दिया था। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने इस पर ट्रैफिक पुलिस से चर्चा करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन, अब तक कोई प्रगति नहीं हुई। मानिक चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल जैन ने बताया कि यहां ट्रैफिक की समस्या का तात्कालिक समाधान सिर्फ वन-वे ट्रैफिक से ही हो सकता है, लेकिन इसके लिए अफसर गंभीर नहीं हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत केंद्र व राज्य सरकार के सभी विभागों के सामंजस्य से कार्य होने हैं। विकास कार्यों में जहां भी जो समस्याएं आ रही हैं, उनका शीघ्र समाधान हो जाएगा।
अरुण प्रकाश
नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी।
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नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें से लगभग सौ किलोमीटर की सड़के ऐसी हैं, जो तंग हैं। समस्या यहां तंग गलियों की नहीं है। समस्या है नगर के सबसे व्यस्ततम बाजार की तंग गलियां। शहर का प्रमुख बाजार किले की तलहटी में बसा है। बड़ा बाजार, मानिक चौक, सर्राफा बाजार, सुभाषगंज, गांधी रोड शहर के वह बाजार हैं, जहां दिन भर में हजारों लोगों का आवागमन होता रहता है। यहां पार्किंग के लिए सिर्फ रानी महल पर व्यवस्था है, जो ना काफी है। ऐसे में यहां खरीदारी करने आने वाले लोग दुकानों के सामने ही अपने वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम की समस्या और बढ़ जाती है।
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पार्किंग में बाधक पुरातत्व विभाग
नगर निगम ने खंडेराव गेट और तहसील के बीच में गांधी भवन के पास, मिनर्वा पर शनि मंदिर के पास व कोतवाली के पास दो स्थानों पर पार्किंग बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया था। चार में से तीन स्थान पुरातत्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं, जबकि चौथा स्थान नगर निगम का होने के बावजूद किला के नजदीक होने के कारण वहां निर्माण कार्य के लिए पुरातत्व विभाग से सहमति लेना जरूरी है। महापौर किरन राजू बुकसेलर ने पार्किंग के लिए पुरातत्व विभाग को पत्र लिखने की बात तो कही है, लेकिन जिला स्तर पर विभाग की सहमति मिल पाना संभव नहीं है।
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व्यापारियों के प्लान पर नहीं हुआ काम
बाजार में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए मानिक चौक व्यापार मंडल ने वन-वे ट्रैफिक का नक्शा बनाकर नगर निगम को दिया था। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने इस पर ट्रैफिक पुलिस से चर्चा करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन, अब तक कोई प्रगति नहीं हुई। मानिक चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल जैन ने बताया कि यहां ट्रैफिक की समस्या का तात्कालिक समाधान सिर्फ वन-वे ट्रैफिक से ही हो सकता है, लेकिन इसके लिए अफसर गंभीर नहीं हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत केंद्र व राज्य सरकार के सभी विभागों के सामंजस्य से कार्य होने हैं। विकास कार्यों में जहां भी जो समस्याएं आ रही हैं, उनका शीघ्र समाधान हो जाएगा।
अरुण प्रकाश
नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी।