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सिंचाई मंत्री ने जमकर लगाई अफसरों की क्लास

Thu, 15 Oct 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 01:12 AM IST
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Sinchai Minister upset officer
झांसी। हर-घर-जल परियोजना की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार महीने पहले आधारशिला रख गए लेकिन, उसके बाद अफसर इस परियोजना को ही भूला बैठे। चार महीने बाद भी सिंचाई विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। इस लेटलतीफी पर सिंचाई मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अभियंताओं की जमकर क्लास लगाई। नाराज सिंचाई मंत्री ने जल्द जरूरी औपचारिकताएं पूरी न होने पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
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परियोजना में हो रही लेटलतीफी पर सीएम भी नाराजगी जता चुके। इसके बाद सिंचाई मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने झांसी डिवीजन के मुख्य अभियंता परियोजना, मुख्य अभियंता अनुरक्षण समेत सभी एक्सईएन को लखनऊ तलब कर लिया। करीब डेढ़ घंटे तक उन्होंने सिंचाई अभियंताओं की जमकर क्लास लगाई। एनओसी अब तक जारी न होने की वजह पूछने पर कोई भी इसका जवाब नहीं दे सका।
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सिंचाई मंत्री ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करके तत्काल कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा। ऐसा न होने पर कार्रवाई के लिए भी तैयार रहने का अल्टीमेटम दिया। जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिरगांव के मुरैठा गांव से जल जीवन मिशन, के हर-घर-जल अभियान की शुरूआत की थी। इसके तहत बुंदेलखंड में 2185 करोड़ रुपये से 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाएं शुरू होनी थी। इसके जरिए हर घर तक पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। सीएम ने दो वर्ष के भीतर इस परियोजना को पूरा कर लेने का दावा किया था।
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प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष किया था एलान
इस परियोजना का एलान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में झांसी आने पर किया था। भोजला मंडी में आयोजित चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इसके जरिए बुंदेलखंड की प्यास बुझाई जाएगी। उन्होंने बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना शुरू करने की बात कही थी।

पानी को लेकर फंसा है पेंच
झांसी में 1627.94 करोड़ की लागत वाली 10 योजनाएं सतही स्रोत (सरफेस वॉटर) पर आधारित होंगी। इससे 644 राजस्व गांवों के 11.42 लाख लोगों को फायदा पहुंचना था लेकिन, असली पेंच पानी को लेकर फंसा हुआ है। सिंचाई विभाग का कहना है इतना पानी उसके पास नहीं है। पेयजल के लिए इतना पानी देने पर सिंचाई के लिए पानी नहीं बचेगा। इसको लेकर ही पेंच फंसा हुआ है। हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है इसकी जानकारी शासन स्तर पर भेजी जा चुकी।
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