{"_id":"652ccd5ab76cae71d4004856","slug":"shortage-of-coal-rang-alarm-bells-during-festive-season-jhansi-news-c-11-1-jhs1019-190626-2023-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: त्योहारी सीजन में कोयले की कमी ने बजाई खतरे की घंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: त्योहारी सीजन में कोयले की कमी ने बजाई खतरे की घंटी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। त्योहारी सीजन आरंभ होने के साथ ही पारीछा स्थित विद्युत उत्पादन इकाई में कोयला का संकट पैदा हो गया। प्लांट में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रखने को न्यूनतम 21 दिन के कोयले का स्टॉक रखना होता है लेकिन, यह बफर स्टॉक घटकर महज 15 दिनों का ही बचा है। कोयला आपूर्ति भी घट गई। पारीछा थर्मल पावर में अब बफर स्टॉक महज पंद्रह दिनों का ही बचा। पावर प्लांट रोजाना चलाने में 16 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है लेकिन, रोजाना सिर्फ दो रैक कोयला ही भेजा जा रहा है। एक रैक में लगभग 5500 मीट्रिक टन कोयला होता है। ऐसे में रोजाना करीब 5000 मीट्रिक टन कोयला बफर स्टॉक से खर्च हो रहा है।
बता दें, पारीछा पावर प्लांट की चार यूनिटों से रोजाना 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इन दिनों 210 मेगावाट की दो एवं 250 मेगावाट की दो यूनिट से उत्पादन हो रहा है। प्लांट अभियंताओं का कहना है कि अगर कोयला आपूर्ति पटरी पर नहीं लौटती तब आने वाले समय में उत्पादन में गिरावट आएगी।
0000
बारिश की वजह से खदानों में पानी भरा हुआ है। कोयला उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस वजह से प्लांट को पर्याप्त कोयला नहीं मिल रहा लेकिन, अभी सभी यूनिटें चल रही हैं।
विज्ञापन
एमके सचान
महाप्रबंधक
विज्ञापन
झांसी। त्योहारी सीजन आरंभ होने के साथ ही पारीछा स्थित विद्युत उत्पादन इकाई में कोयला का संकट पैदा हो गया। प्लांट में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रखने को न्यूनतम 21 दिन के कोयले का स्टॉक रखना होता है लेकिन, यह बफर स्टॉक घटकर महज 15 दिनों का ही बचा है। कोयला आपूर्ति भी घट गई। पारीछा थर्मल पावर में अब बफर स्टॉक महज पंद्रह दिनों का ही बचा। पावर प्लांट रोजाना चलाने में 16 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है लेकिन, रोजाना सिर्फ दो रैक कोयला ही भेजा जा रहा है। एक रैक में लगभग 5500 मीट्रिक टन कोयला होता है। ऐसे में रोजाना करीब 5000 मीट्रिक टन कोयला बफर स्टॉक से खर्च हो रहा है।
बता दें, पारीछा पावर प्लांट की चार यूनिटों से रोजाना 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इन दिनों 210 मेगावाट की दो एवं 250 मेगावाट की दो यूनिट से उत्पादन हो रहा है। प्लांट अभियंताओं का कहना है कि अगर कोयला आपूर्ति पटरी पर नहीं लौटती तब आने वाले समय में उत्पादन में गिरावट आएगी।
विज्ञापन
0000
बारिश की वजह से खदानों में पानी भरा हुआ है। कोयला उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस वजह से प्लांट को पर्याप्त कोयला नहीं मिल रहा लेकिन, अभी सभी यूनिटें चल रही हैं।
विज्ञापन
एमके सचान
महाप्रबंधक