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शैली को अच्छी डाइट मिले, इसलिए रात-रात तक मां ने सिले कपड़े

Wed, 25 Aug 2021 01:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:59 AM IST
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Shelly got a good diet, so mother stitched clothes night and night
झांसी। अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिलवर मेडल जीतने वाली झांसी की शैली सिंह के स्वर्णिम सफर के पीछे मां विनीता की संघर्ष भरी दास्तां भी छुपी है। बतौर खिलाड़ी शैली को अच्छी डाइट मिल सके, इसके लिए मां ने रात-रात तक दूसरों के कपड़े सिले। बेहतर खानपान के लिए दूसरे खर्चों में भी कटौती की।
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शैली ने बेहद तंगहाली में अपना जीवन गुजारा। मां विनीता ने शैली समेत तीन बच्चों को पालने-पढ़ाने के लिए खूब मेहनत की। उन्होंने कपड़े सिलकर जीवन बसर किया। विनीता ने बताया कि उनका भी खेल के प्रति रुझान था। बचपन में वो भी दौड़ा करती थीं। मगर सुविधाएं नहीं मिल पाने की वजह से खेल में वो कुछ ज्यादा नहीं कर सकीं। मगर जब शैली ने खेलों के प्रति रुझान दिखाया तो उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया। विनीता के मुताबिक पहली बार में ही जब शैली ने दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया तो पहला स्थान पाया। इसके बाद लंबी और ऊंची कूद में भी वह प्रथम आई। शुरूआत में गांव और फिर ध्यानचंद स्टेडियम में उसने प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी को अच्छी डाइट भी चाहिए होती है मगर उनके पास इतने पैसे नहीं होते थे कि रोजाना दूध, ड्राई फ्रूट्स खिला सकूं। बेटी अक्सर प्रैक्टिस करते हुए काफी थक जाती थी। ऐसे में उन्होंने रात-रात भर कपड़े सिलने शुरू कर दिए। इससे कुछ आय और होने लगी। अन्य खर्चों में कटौती करके उन्होंने बच्ची का खानपान सुधारा। उन्होंने कहा कि शैली के खेल में निखार लाने के पीछे कोच का भी काफी योगदान रहा। वहीं, पिछले दो साल से साईं की शैली का पूरा खर्च उठा रही है।
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अपने लिए विनीता ने कुछ नहीं खरीदा
विनीता ने बताया कि उन्होंने सिलाई करके जो भी पैसे कमाए, उसे पूरा अपने बच्चों पर ही खर्च किया। खुद उन्होंने कभी भी अपने लिए कुछ नहीं खरीदा। उनके मायके से मां-भाई कपड़े आदि खरीदकर उन्हें देते रहे। साथ ही समय-समय पर आर्थिक मदद भी की।
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शैली ने पूछा-मां आप खुश तो हो?
फाइनल में रजत पदक जीतने के बाद शैली ने मां से फोन पर बात की। शैली ने उनसे पूछा कि मां आप खुश तो हो। इस पर विनीता ने कहा कि वह बहुत खुश हैं। फिर शैली ने बोला कि मामूली अंतर से गोल्ड से चूं गई हूं। इस पर मां ने कहा कि कोई बात नहीं। तुमने शानदार प्रदर्शन किया। मुझे भरोसा है कि आगे गोल्ड जरूर जीतोगी।
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