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30 साल पुराना है संजय वर्मा का आपराधिक इतिहास
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झांसी। चर्चित जमीन कारोबारी संजय वर्मा का आपराधिक इतिहास 30 साल पुराना है। उस पर हत्या के एक मामले में पहली एफआईआर सन 1992 में हुई थी। इसके बाद से लगातार उसका जरायम से नाता बना रहा। महानगर के तीन थानों में उस पर हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म जैसे 16 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
मंगलवार को पुलिस ने संजय वर्मा की एक अरब नौ करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। यह कार्रवाई नवाबाद थाने में दर्ज गिरोहबंद अधिनियम के मुकदमे के बाद की गई। जबकि, 30 साल पहले उस पर हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद साल दर साल मुकदमोें की संख्या बढ़ती रही।
संजय वर्मा पर महानगर के कोतवाली, नवाबाद व सीपरी बाजार थाने में 16 मुकदमे दर्ज है। इनमें हत्या, लूट, अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। तीन बार उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी जा चुकी है। 2004 व 2005 में नवाबाद थाने में गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि, 2020 में नवाबाद थाना पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
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विरासत में मिला था जमीन का कारोबार
झांसी। संजय वर्मा को विरासत में जमीन का कारोबार मिला था। उसके पिता हरिमोहन वर्मा भी जमीन का कारोबार करते थे। कारोबार की कमान हाथ में आने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कई बार उस पर जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप भी लगे। शहर की कई विवादित संपत्तियों को हासिल करने उसे शॉपिंग मॉल खड़े कर दिए। इसी बीच साल 2004 में उसके भाई अजय वर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसकी जेल में बंद कुख्यात सरदार सिंह गुर्जर से दुश्मनी भी चली आ रही है। जुलाई 2018 में उस पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस घटना में उसके ड्राइवर की मौत हो गई थी। महिला प्रियंका सोनी की हत्या का भी संजय वर्मा पर आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था।
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मंगलवार को पुलिस ने संजय वर्मा की एक अरब नौ करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। यह कार्रवाई नवाबाद थाने में दर्ज गिरोहबंद अधिनियम के मुकदमे के बाद की गई। जबकि, 30 साल पहले उस पर हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद साल दर साल मुकदमोें की संख्या बढ़ती रही।
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संजय वर्मा पर महानगर के कोतवाली, नवाबाद व सीपरी बाजार थाने में 16 मुकदमे दर्ज है। इनमें हत्या, लूट, अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। तीन बार उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी जा चुकी है। 2004 व 2005 में नवाबाद थाने में गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि, 2020 में नवाबाद थाना पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
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विरासत में मिला था जमीन का कारोबार
झांसी। संजय वर्मा को विरासत में जमीन का कारोबार मिला था। उसके पिता हरिमोहन वर्मा भी जमीन का कारोबार करते थे। कारोबार की कमान हाथ में आने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कई बार उस पर जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप भी लगे। शहर की कई विवादित संपत्तियों को हासिल करने उसे शॉपिंग मॉल खड़े कर दिए। इसी बीच साल 2004 में उसके भाई अजय वर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसकी जेल में बंद कुख्यात सरदार सिंह गुर्जर से दुश्मनी भी चली आ रही है। जुलाई 2018 में उस पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस घटना में उसके ड्राइवर की मौत हो गई थी। महिला प्रियंका सोनी की हत्या का भी संजय वर्मा पर आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था।