फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Sanatan Ekta Yatra: Sanatani could not recover from political conspiracies even in 77 years, said Haripriya Bhargava

सनातन एकता यात्रा : 77 सालाें में भी राजनीतिक षड्यंत्रों से नहीं उबर पाए सनातनी बोले हरिप्रिया भार्गव

Tue, 03 Dec 2024 02:47 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2024 02:47 AM IST
विज्ञापन
Sanatan Ekta Yatra: Sanatani could not recover from political conspiracies even in 77 years, said Haripriya Bhargava

विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। ललितपुर से शुरू सनातन एकता यात्रा बुंदेलखंड के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए सोमवार को झांसी पहुंची। जहां नगर भ्रमण के बाद मुक्ताकाशी मंच पर समापन हुआ। इस अवसर बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।



सनातन सांस्कृतिक संघ द्वारा ललितपुर से शुरू होकर सनातन एकता यात्रा बुंदेलखंड के टीकमगढ़, छतरपुर, महोबा, मऊरानीपुर होते हुए सोमवार को झांसी पहुंची। जहां कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं कलश लेकर चल रहीं थीं। नगर भ्रमण के दौरान यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। यात्रा मुक्ताकाशी मंच पर समापन कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यात्रा का नेतृत्व कर रहीं हरिप्रिया भार्गव ने संबोधित करते हुए कहा कि हम 77 सालों में राजनीतिक षड्यंत्र के कारण मानसिक गुलामी से उबर नहीं पाए हैं। सनातन का अर्थ है जिसका न आदि है और न अंत है। जाति एवं वर्ण व्यवस्था को त्यागें। जैन, बौद्ध, सिख सभी सनातनी हैं। जाति बंधन को त्यागने से ही हिंदुओं में एकता होगी। उन्होंने कहा कि हमारा धर्म हमें न केवल मानवता की सेवा सिखाता है, बल्कि आत्मिक शांति और सामाजिक एकता का मार्ग भी दिखाता है। वहीं, संजीव अग्रवाल लाला ने कहा कि सभी हिंदुओं को जागरूक होना पड़ेगा। जहां हिंदुओं की आबादी घटती है तो उन पर अत्याचार होते हैं। यात्रा के समापन समारोह में बड़ी संख्या में संतों की मौजूदगी रही। समारोह में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विज्ञापन


सनातन एकता यात्रा के समापन समारोह कार्यक्रम में ऋषि कृष्ण शास्त्री, शशि शेखर दुबे, दिवाकर शास्त्री, आचार्य अविनाश, विनोद अवस्थी ने सनातन एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जातियों में मत बंटो, संप्रभुता देश में बनी रहे। वहीं, संतों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों व इस्कॉन के संत पर प्रतिबंध की कड़ी निंदा की। इस अवसर पर कमल सहगल, डॉ. लाला शर्मा, सोनू ठाकुर, अनूप करौसिया, नरेश कश्यप, संतोष खटीक, अनुराग अहिरवार, राजेंद्र कुशवाहा, मनोज जैन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed