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स्टेशन पर ठंडे समोसा, कचौड़ी बिगाड़ रहे स्वाद और सेहत

Wed, 09 Dec 2020 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:48 AM IST
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Samosha and kachoudi bad health
झांसी। कोरोना महामारी में चिकित्सक गरम भोजन करने की सलाह दे रहे हैं वहीं, रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ठंडे समोसे, कचौड़ी, ऑमलेट की बिक्री हो रही है। इससे स्वाद के साथ ही सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है। स्टॉलों पर खानपान सामग्री को गर्म करने की अनुमति नहीं होने से मजबूरन यात्रियों को ठंडी खानपान सामग्री खरीदनी पड़ रही है।
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सर्दी में ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री प्लेटफार्म से गर्म समोसा, कचौड़ी आलू बंडा, छोले भटूरे, बेज बिरयानी, अंडा बिरयानी, पेटीज, आमलेट, ब्रेड पकौड़ा आदि पकी हुई खानपान सामग्री खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। कोरोना काल में गर्म खाना खाने की भी सलाह दी जा रही है। मगर, इन दिनों ठंड ने इनका स्वाद बिगाड़ रखा है। प्लेटफार्म पर चूल्हा जलाना प्रतिबंधित होने के कारण ठेकेदार उक्त सभी सामग्री स्टेशन के बाहर से बनवाकर लाते हैं। कुछ देर में ही वह ठंडा हो जा रहा है। इससे स्टॉल संचालकों की बिक्री भी आधी रह गई है। प्लेटफार्म पर अंडा बिरयानी 50 रुपये, पूड़ी छोले (तीन नग) 30 रुपये, समोसा आठ रुपये, ब्रेक पकौड़ा 22 रुपये और आलू बंडा प्रति नग 10 रुपये, ऑमलेट 30, बेज बिरयानी 40 रुपये में बेची जा रही है।
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मैं बस्ती से आया हूं और मंगला एक्सप्रेस से कर्नाटक जा रहा हूं। झांसी में बिरयानी खरीदी। लेकिन ठंडी होने के कारण बेस्वाद लग रही है। मजबूरन खाना पड़ रहा है। वैसे सर्दियों में प्लेटफार्म पर खानपान सामग्री को गर्म करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
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सिकंदर, बस्ती
मैं कानपुर से आया हूं। मंगला एक्सप्रेस से कल्याण जा रहा हूं। मैं बच्चों को कुछ गर्म- गर्म खिलाना चाहता था, लेकिन सब कुछ ठंडा मिल रहा था। कुछ भी नहीं दे सका।
कामता, कानपुर।
खानपान स्टॉलों पर सामग्री का पैसा तो भरपूर लिया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ठंडे होने के बाद पूड़ी छोले का एक टुकड़ा तक खाना मुश्किल हो जाता है।

पंकज दीक्षित, भोपाल।
प्लेटफार्म पर जो भी खानपान सामग्री बेची जाती है, उसका निर्माण रेलवे परिसर क्षेत्र में ही होना चाहिए। ठेकेदार दूर स्थानों से इसे तैयार करवाते हैं, इससे कुछ वक्त बाद ही वह बेस्वाद लगने लगती है।
शिव वासने, जौनपुर।
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