{"_id":"5fdd0f118ebc3e3b8745de92","slug":"samardhan-price-farmer-jhansi-news-jhs1838446103","type":"story","status":"publish","title_hn":"समर्थन मूल्य से ज्यादा बाजार में मिल रहे मूंग, उड़द और तिल के भाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समर्थन मूल्य से ज्यादा बाजार में मिल रहे मूंग, उड़द और तिल के भाव
विज्ञापन
झांसी। कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसान आंदोलन का अहम मुद्दा है। किसानों को आशंका है कि नए कृषि कानून में सरकार एमएसपी की व्यवस्था खत्म करने जा रही है। ऐसे में मजबूरन उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों में बाजार में बेचनी होगी। लेकिन, स्थिति ये है कि कई कृषि उपजों के बाजार में भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक मिल रहे हैं। मूंग, उड़द व तिल के बाजार भाव एमएसपी से अधिक चल रहे हैं।
सरकार की ओर से मूंग का समर्थन मूल्य 7,196 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जबकि, खुले बाजार में ये आठ से साढ़े आठ हजार प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है। इसी तरह उड़द का समर्थन मूल्य 6,000 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी में इसकी 6,300 रुपये प्रति क्विंटल तक में खरीद की जा रही है। तिल के भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले बाजार में कहीं अधिक भाव मिल रहे हैं। तिल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,855 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि इसकी आठ हजार से साढ़े आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है।
देसी मूंगफली के दाम अधिक, बटाली के कम
झांसी। सरकार की ओर से मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि, बाजार में देसी मूंगफली की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक पर हो रही है। 5,600 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर से खरीद की जा रही है। जबकि, बटाली किस्म की मूंगफली के बाजार भाव 4,000 से 4,400 प्रति क्विंटल चल रहे हैं। विदित हो कि मूंगफली के कुल उत्पादन में देसी का महज 20 फीसदी हिस्सा होता है, जबकि बटाली किस्म का 80 फीसदी उत्पादन होता है। बटाली किस्म की मूंगफली खरीद केंद्रों में बेचना किसानों के लिए फायदे का सौदा बना हुआ है। जिले में मूंगफली खरीद के लिए छह केंद्र खोले गए हैं, इनमें भोजला मंडी में दो, मगरवारा मंडी, एरच मंडी, भसनेह व चिरगांव में एक-एक केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बाजार से अच्छे भाव मिलने की वजह से खरीद केंद्रों पर किसानों की खूब भीड़ उमड़ रही है। 2648.92 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की जा चुकी है।
विज्ञापन
मंडी में व्यापारियों के द्वारा लगातार खरीद की जा रही है। उड़द, मूंग व तिल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कहीं अधिक कीमत बाजार में मिल रही है। यही वजह है कि किसानों का रुख बाजार की ओर है। वहीं, देसी मूंगफली के भी बाजार भाव एमएसपी से अधिक मिल रहे हैं। हालांकि, बटाली मूंगफली का बाजार भाव एमएसपी से कम है। किसान इसे केंद्रों पर ही बेच रहे हैं।
- पंकज शर्मा, मंडी सचिव
सरकार द्वारा खोले जाने वाले खरीद केंद्रों के मुकाबले कृषि उपज की कहीं अधिक खपत मंडी में होती है। मंडी में भाव मांग के अनुसार तय होते हैं। मूंग, उड़द व तिल के बाजार में किसानों को तिल, मूंग व उड़द के एमएसपी से अच्छे भाव मिल रहे हैं।
- उमेश गुप्ता, अध्यक्ष - गल्ला व्यापार मंडल
मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य बाजार भाव से बेहतर है। केंद्रों पर 5,275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मूंगफली की खरीद हो रही है। जबकि, मूंग, उड़द और तिल के बाजार में भाव अच्छे मिल रहे हैं। ये किसानों के लिए लाभदायक हो रहा है।
- अविनाश भार्गव, कृषक
विज्ञापन
सरकार की ओर से मूंग का समर्थन मूल्य 7,196 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जबकि, खुले बाजार में ये आठ से साढ़े आठ हजार प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है। इसी तरह उड़द का समर्थन मूल्य 6,000 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी में इसकी 6,300 रुपये प्रति क्विंटल तक में खरीद की जा रही है। तिल के भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले बाजार में कहीं अधिक भाव मिल रहे हैं। तिल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,855 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि इसकी आठ हजार से साढ़े आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है।
विज्ञापन
देसी मूंगफली के दाम अधिक, बटाली के कम
झांसी। सरकार की ओर से मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि, बाजार में देसी मूंगफली की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक पर हो रही है। 5,600 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर से खरीद की जा रही है। जबकि, बटाली किस्म की मूंगफली के बाजार भाव 4,000 से 4,400 प्रति क्विंटल चल रहे हैं। विदित हो कि मूंगफली के कुल उत्पादन में देसी का महज 20 फीसदी हिस्सा होता है, जबकि बटाली किस्म का 80 फीसदी उत्पादन होता है। बटाली किस्म की मूंगफली खरीद केंद्रों में बेचना किसानों के लिए फायदे का सौदा बना हुआ है। जिले में मूंगफली खरीद के लिए छह केंद्र खोले गए हैं, इनमें भोजला मंडी में दो, मगरवारा मंडी, एरच मंडी, भसनेह व चिरगांव में एक-एक केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बाजार से अच्छे भाव मिलने की वजह से खरीद केंद्रों पर किसानों की खूब भीड़ उमड़ रही है। 2648.92 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की जा चुकी है।
विज्ञापन
मंडी में व्यापारियों के द्वारा लगातार खरीद की जा रही है। उड़द, मूंग व तिल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कहीं अधिक कीमत बाजार में मिल रही है। यही वजह है कि किसानों का रुख बाजार की ओर है। वहीं, देसी मूंगफली के भी बाजार भाव एमएसपी से अधिक मिल रहे हैं। हालांकि, बटाली मूंगफली का बाजार भाव एमएसपी से कम है। किसान इसे केंद्रों पर ही बेच रहे हैं।
- पंकज शर्मा, मंडी सचिव
सरकार द्वारा खोले जाने वाले खरीद केंद्रों के मुकाबले कृषि उपज की कहीं अधिक खपत मंडी में होती है। मंडी में भाव मांग के अनुसार तय होते हैं। मूंग, उड़द व तिल के बाजार में किसानों को तिल, मूंग व उड़द के एमएसपी से अच्छे भाव मिल रहे हैं।
- उमेश गुप्ता, अध्यक्ष - गल्ला व्यापार मंडल
मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य बाजार भाव से बेहतर है। केंद्रों पर 5,275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मूंगफली की खरीद हो रही है। जबकि, मूंग, उड़द और तिल के बाजार में भाव अच्छे मिल रहे हैं। ये किसानों के लिए लाभदायक हो रहा है।
- अविनाश भार्गव, कृषक