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सपा नेत्री को निजी मुचलके पर छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:36 AM IST
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samajwadi party, jhansi hindi news
- फोटो : demo
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झांसी। सीपरी बाजार थाना पुलिस ने राज्य महिला आयोग की सदस्य सुषमा यादव के साथ सर्किट हाउस में हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुनीता कुशवाहा को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। पता चला है कि जांच में अन्य धाराओं को भी कम किया जा रहा है। कार्रवाई उन्हीं पर होगी, जो वीडियो में मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
सत्रह जुलाई को हुए मामले में मंगलवार को सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने एक आरोपी समाजवादी महिला सभा की नगर अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा को गिरफ्तार भी कर लिया था। मगर, पुलिस ने थाने से ही उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। साथ ही बुधवार को पुलिस ने घटना के समय बनाए गए वीडियो फुटेज को भी देखा। वीडियो फुटेज की मदद से उन लोगों की शिनाख्त की गईं, जो मारपीट के समय पर मौके पर खड़े थे। इन लोगों को जांच में गवाह बनाया जाएगा। फुटेज में एक और सपा नेत्री ममता कुशवाहा का नाम सामने आया है, जो सुषमा यादव के साथ मारपीट करती नजर आ रही है। उनका नाम भी अब रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
‘ वीडियो फुटेज की मदद से जांच चल रही हैं। सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। इसी आधार पर कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’
मनोज तिवारी, एसएसपी
ये हैं नामजद
सुषमा यादव ने राज्यसभा सांसद डॉ चंद्रपाल सिंह यादव, गरौठा विधायक दीप नारायण सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल समेत सिंहवृत्त सिंह उर्फ बबुआ, सुनीता कुशवाहा, मीरा रायकवार, पुष्पा शिवहरे और 10-15 अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरी पक्ष की सपा नेत्री सुनीता कुशवाहा ने पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा, विशन सिंह यादव, सुषमा यादव और उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अब पेशबंदी में जुटे सपा के नेता
झांसी। दिग्गज नेताओं पर मुकदमे दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी में गरमागरमी का माहौल बना हुआ है। पार्टी के नेता अपना पक्ष मजबूत करने के लिए पेशबंदी में जुटे हुए हैं। बुधवार को पार्टी हाईकमान को पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह अब जनता के बीच है। सर्किट हाउस प्रकरण में पार्टी के सभी बड़े नेताओं पर मुकदमा दर्ज है। इस मामले मेें बीते रोज एक गिरफ्तारी भी हो चुकी है। बुधवार को भी पार्टी में सरगर्मियां तेज रहीं। नेता अपना-अपना पक्ष मजबूत करने के लिए पेशबंदी में जुटे रहे। वे अपने आकाओं को सफाई दे रहे हैं। साथ ही वह सर्किट हाउस में हुई मारपीट की घटना से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। वह सफाई दे रहे हैं कि घटना से उनका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई वास्ता नहीं रहा है। उधर, पूरे घटनाक्रम की गोपनीय रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है। इसमें दो धड़ों में बंटी पार्टी का पूरा ब्योरा दिया गया है। हालांकि, अब तक पार्टी मुख्यालय स्तर पर इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
पार्टी से निष्कासित हैं सुषमा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल ने पूरे प्रकरण पर कहा कि डा. चंद्रपाल सिंह यादव और विधायक दीपनारायण सिंह यादव बुंदेलखंड में पार्टी के आधार स्तंभ हैं। विरोधी उनके खिलाफ षणयंत्र कर रहे हैं। इसमें मोहरा सुषमा को बना लिया गया है। सुषमा पहले भी उदंडता कर चुकी हैं। उन्होंने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था। निष्कासन अभी वापस नहीं हुआ है। बावजूद, वह सर्किट हाउस में समीक्षा में पहुंच गईं। यह पूरा मामला हाईकमान के पास भेजा जा रहा है।
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सत्रह जुलाई को हुए मामले में मंगलवार को सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने एक आरोपी समाजवादी महिला सभा की नगर अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा को गिरफ्तार भी कर लिया था। मगर, पुलिस ने थाने से ही उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। साथ ही बुधवार को पुलिस ने घटना के समय बनाए गए वीडियो फुटेज को भी देखा। वीडियो फुटेज की मदद से उन लोगों की शिनाख्त की गईं, जो मारपीट के समय पर मौके पर खड़े थे। इन लोगों को जांच में गवाह बनाया जाएगा। फुटेज में एक और सपा नेत्री ममता कुशवाहा का नाम सामने आया है, जो सुषमा यादव के साथ मारपीट करती नजर आ रही है। उनका नाम भी अब रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
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‘ वीडियो फुटेज की मदद से जांच चल रही हैं। सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। इसी आधार पर कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’
मनोज तिवारी, एसएसपी
ये हैं नामजद
सुषमा यादव ने राज्यसभा सांसद डॉ चंद्रपाल सिंह यादव, गरौठा विधायक दीप नारायण सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल समेत सिंहवृत्त सिंह उर्फ बबुआ, सुनीता कुशवाहा, मीरा रायकवार, पुष्पा शिवहरे और 10-15 अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरी पक्ष की सपा नेत्री सुनीता कुशवाहा ने पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा, विशन सिंह यादव, सुषमा यादव और उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अब पेशबंदी में जुटे सपा के नेता
झांसी। दिग्गज नेताओं पर मुकदमे दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी में गरमागरमी का माहौल बना हुआ है। पार्टी के नेता अपना पक्ष मजबूत करने के लिए पेशबंदी में जुटे हुए हैं। बुधवार को पार्टी हाईकमान को पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह अब जनता के बीच है। सर्किट हाउस प्रकरण में पार्टी के सभी बड़े नेताओं पर मुकदमा दर्ज है। इस मामले मेें बीते रोज एक गिरफ्तारी भी हो चुकी है। बुधवार को भी पार्टी में सरगर्मियां तेज रहीं। नेता अपना-अपना पक्ष मजबूत करने के लिए पेशबंदी में जुटे रहे। वे अपने आकाओं को सफाई दे रहे हैं। साथ ही वह सर्किट हाउस में हुई मारपीट की घटना से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। वह सफाई दे रहे हैं कि घटना से उनका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई वास्ता नहीं रहा है। उधर, पूरे घटनाक्रम की गोपनीय रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है। इसमें दो धड़ों में बंटी पार्टी का पूरा ब्योरा दिया गया है। हालांकि, अब तक पार्टी मुख्यालय स्तर पर इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
पार्टी से निष्कासित हैं सुषमा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल ने पूरे प्रकरण पर कहा कि डा. चंद्रपाल सिंह यादव और विधायक दीपनारायण सिंह यादव बुंदेलखंड में पार्टी के आधार स्तंभ हैं। विरोधी उनके खिलाफ षणयंत्र कर रहे हैं। इसमें मोहरा सुषमा को बना लिया गया है। सुषमा पहले भी उदंडता कर चुकी हैं। उन्होंने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था। निष्कासन अभी वापस नहीं हुआ है। बावजूद, वह सर्किट हाउस में समीक्षा में पहुंच गईं। यह पूरा मामला हाईकमान के पास भेजा जा रहा है।