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आरटीओ: घर बैठे मिलेंगे डीएल व आरसी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 12:36 AM IST
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digsital sistom, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। झांसी का आरटीओ कार्यालय अब जल्द ही केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के साफ्टवेयर ‘रजिस्टर’ से सीधा कनेक्ट हो जाएगा। कनेक्ट होने के बाद यहां परिवहन विभाग द्वारा लांच किया गया वाहन-4 सॉफ्टवेयर कार्य करने लगेगा। इससे लोग घर बैठे ही अपने वाहन की डुप्लीकेट आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) व ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) आदि कागजात बनवा सकेंगे।
आरटीओ का वाहन-4 सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो चुका है और इसे ट्रायल पर भी लिया जा चुका है, जो खामियां सामने आईं, उन्हें दूर कर लखनऊ व कानपुर के आरटीओ विभाग में इसे एक मई से प्रारंभ कर दिया गया है। वाहन-4 सॉफ्टवेयर के झांसी में लागू होने में कुछ वक्त जरूर लगेगा, मगर इसके प्रारंभ होते ही वाहन मालिकों को कई सहूलियतें हो जाएंगी। यह व्यवस्था शुरू होते ही लोगों को परमानेंट डीएल, डुप्लीकेट आरसी, किसी वाहन की एनओसी और वाहन स्वामी का नाम बदलने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। झांसी कार्यालय में इसे लगाए जाने के लिए शासन की हरी झंडी का इंतजार है।
लखनऊ और कानपुर में प्रारंभ हुए वाहन-4 सॉफ्टवेयर को झांसी, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, हरदोई, सीतापुर, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, लखीमपुर, उन्नाव, रायबरेली, शाहजहांपुर, समेत 50 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें आरटीओ व एआरटीओ को वाहन-4 सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए शासन ने लगभग छह करोड़ रुपये परिवहन विभाग को स्वीकृत किए हैं।
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ऑन लाइन आवेदन की प्रक्रिया
आवेदक को आवेदन करने के पहले वाहन-4 सॉफ्टवेयर के एड्रेस बार में वाहन के चेसिस नंबर के अंतिम पांच अंकों का उल्लेख करना होगा। चेसिस नंबर डालते ही वाहन स्वामी का रिकार्ड डिस्प्ले हो जाएगा, साथ ही वेबसाइट पर अन्य कार्यों से संबंधित ऑप्शन दिखाई देने लगेंगे।
इसके बाद आवेदक को ऑनलाइन कार्य निपटाने के लिए सबसे पहले पर्सनल मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल नंबर के रजिस्टर्ड होते ही संदेश के रूप में पासवर्ड मिलेगा। इस पासवर्ड के जरिए ऑन लाइन कार्य निपटाए जा सकेंगे।
‘आरटीओ झांसी में वाहन-4 सॉफ्टवेयर लगाने के लिए तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं। शासन से आदेश मिलते ही यहां इसे लागू कर दिया जाएगा। इससे घर बैठै कई सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। हां, निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए उन्हें कार्यालय आना होगा।’
संजय सिंह
आरटीओ, झांसी
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आरटीओ का वाहन-4 सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो चुका है और इसे ट्रायल पर भी लिया जा चुका है, जो खामियां सामने आईं, उन्हें दूर कर लखनऊ व कानपुर के आरटीओ विभाग में इसे एक मई से प्रारंभ कर दिया गया है। वाहन-4 सॉफ्टवेयर के झांसी में लागू होने में कुछ वक्त जरूर लगेगा, मगर इसके प्रारंभ होते ही वाहन मालिकों को कई सहूलियतें हो जाएंगी। यह व्यवस्था शुरू होते ही लोगों को परमानेंट डीएल, डुप्लीकेट आरसी, किसी वाहन की एनओसी और वाहन स्वामी का नाम बदलने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। झांसी कार्यालय में इसे लगाए जाने के लिए शासन की हरी झंडी का इंतजार है।
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लखनऊ और कानपुर में प्रारंभ हुए वाहन-4 सॉफ्टवेयर को झांसी, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, हरदोई, सीतापुर, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, लखीमपुर, उन्नाव, रायबरेली, शाहजहांपुर, समेत 50 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें आरटीओ व एआरटीओ को वाहन-4 सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए शासन ने लगभग छह करोड़ रुपये परिवहन विभाग को स्वीकृत किए हैं।
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ऑन लाइन आवेदन की प्रक्रिया
आवेदक को आवेदन करने के पहले वाहन-4 सॉफ्टवेयर के एड्रेस बार में वाहन के चेसिस नंबर के अंतिम पांच अंकों का उल्लेख करना होगा। चेसिस नंबर डालते ही वाहन स्वामी का रिकार्ड डिस्प्ले हो जाएगा, साथ ही वेबसाइट पर अन्य कार्यों से संबंधित ऑप्शन दिखाई देने लगेंगे।
इसके बाद आवेदक को ऑनलाइन कार्य निपटाने के लिए सबसे पहले पर्सनल मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल नंबर के रजिस्टर्ड होते ही संदेश के रूप में पासवर्ड मिलेगा। इस पासवर्ड के जरिए ऑन लाइन कार्य निपटाए जा सकेंगे।
‘आरटीओ झांसी में वाहन-4 सॉफ्टवेयर लगाने के लिए तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं। शासन से आदेश मिलते ही यहां इसे लागू कर दिया जाएगा। इससे घर बैठै कई सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। हां, निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए उन्हें कार्यालय आना होगा।’
संजय सिंह
आरटीओ, झांसी