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रोडवेज : किराया बढ़ने के बाद सॉफ्टवेयर नहीं हुआ अपडेट, मैनुअल टिकट देने पर रोज हो रहे झगड़े
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झांसी। झांसी डिपो प्रबंधन ने सभी रूटों के टोल टैक्स में बढ़ोतरी होने के बाद झांसी डिपो से सभी रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ा दिया है। जिसमें झांसी से लखनऊ रूट पर 11 रुपये किराया बढ़ जाने के बाद भी विभाग ने ई- टिकटिंग मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट नहीं किया है। ऐसे में परिचालक हाथ से ( मैनुअल) पर्ची काटने को मजबूर हैं। इस वजह से यात्रियों के साथ बढ़े किराए को लेकर आए दिन विवाद होता है। क्योंकि, यात्री डिजिटल पर्ची मांगते हैं।
झांसी डिपो से रोडवेज की कुल 140 बसों का संचालन झांसी से उरई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, दिल्ली आदि रूटों पर किया जाता है। इन रूटों पर पड़ने वाले टोल टैक्स के बढ़ने के कारण रोडवेज प्रबंधन ने भी प्रति टोल के हिसाब से एक से दो रुपये प्रति व्यक्ति किराया बढ़ा दिया है। लेकिन अभी प्रबंधन ने ई टिकटिंग मशीन के साफ्टवेयर और कार्यालय में प्रयोग होने वाले कंप्यूटरों को अपडेट नहीं किया गया है। जिससे परिचालकों को मजबूरन हाथ से ( मैनुअल) टिकट काटनी पड़ रही हैं। इससे बढ़े हुए किराए की टिकट देने पर यात्री डिजिटल टिकट मांगते हैं। इस दौरान आए दिन परिचालकों और यात्रियों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही इससे अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ई- टिकटिंग मशीन की कंपनी के साथ रोडवेज का अनुबंध समाप्त हो गया है। इसलिए साफ्टवेयर को अपडेट कराने में परेशानी आ रही है। दूसरी कंपनी से अनुबंध हो चुका है। तब तक मैनुअल टिकट की व्यवस्था की गई है। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम
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झांसी डिपो से रोडवेज की कुल 140 बसों का संचालन झांसी से उरई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, दिल्ली आदि रूटों पर किया जाता है। इन रूटों पर पड़ने वाले टोल टैक्स के बढ़ने के कारण रोडवेज प्रबंधन ने भी प्रति टोल के हिसाब से एक से दो रुपये प्रति व्यक्ति किराया बढ़ा दिया है। लेकिन अभी प्रबंधन ने ई टिकटिंग मशीन के साफ्टवेयर और कार्यालय में प्रयोग होने वाले कंप्यूटरों को अपडेट नहीं किया गया है। जिससे परिचालकों को मजबूरन हाथ से ( मैनुअल) टिकट काटनी पड़ रही हैं। इससे बढ़े हुए किराए की टिकट देने पर यात्री डिजिटल टिकट मांगते हैं। इस दौरान आए दिन परिचालकों और यात्रियों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही इससे अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ई- टिकटिंग मशीन की कंपनी के साथ रोडवेज का अनुबंध समाप्त हो गया है। इसलिए साफ्टवेयर को अपडेट कराने में परेशानी आ रही है। दूसरी कंपनी से अनुबंध हो चुका है। तब तक मैनुअल टिकट की व्यवस्था की गई है। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम
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