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Jhansi News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर 10 साल की जेल
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झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम सहित बलात्कार) नितेंद्र कुमार की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। जबकि, इसी घटना में शामिल एक अन्य अभियुक्त को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने सकरार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 23 फरवरी 2016 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। जब शाम को वह वापस लौटा तो पुत्री घर पर नहीं मिली। जानकारी करने पर पता चला कि खिसनी बुजुर्ग निवासी धर्मेंद्र उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में पुलिस की पड़ताल के दौरान घटना में खिसनी बुजुर्ग निवासी पर्वत की भी संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस की ओर से आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया था। बाद में नाबालिग को बरामद कर लिया गया था। पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त धर्मेंद्र को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, पर्वत को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदायगी न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा दोनों अभियुक्तों को अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गईं।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने सकरार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 23 फरवरी 2016 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। जब शाम को वह वापस लौटा तो पुत्री घर पर नहीं मिली। जानकारी करने पर पता चला कि खिसनी बुजुर्ग निवासी धर्मेंद्र उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में पुलिस की पड़ताल के दौरान घटना में खिसनी बुजुर्ग निवासी पर्वत की भी संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस की ओर से आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया था। बाद में नाबालिग को बरामद कर लिया गया था। पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त धर्मेंद्र को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, पर्वत को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदायगी न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा दोनों अभियुक्तों को अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गईं।
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