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रानीपुर के दम तोड़ते कपड़ा कारोबार को सांसें देगा कलस्टर

Mon, 15 Feb 2021 01:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 01:59 AM IST
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ranipur ke dam todte kapda karovar me jan bharega kalster
रानीपुर में बंद पड़ा पावर हैंडलूम का कारखाना। - फोटो : DEHAT
रानीपुर के दम तोड़ते कपड़ा कारोबार में जान भरेगा क्लस्टर
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झांसी। रानीपुर के दम तोड़ते कपड़ा कारोबार को एक बार फिर से ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यहां 9.88 करोड़ रुपये की लागत से क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। इससे एक ही स्थान पर बुनकरों को कई सहूलियतें मिलेंगी। कपड़ा उत्पादन की लागत में कमी आएगी, साथ ही गुणवत्ता में भी इजाफा होगा।
एक समय रानीपुर में बनने वाले कपड़े की पूरे देश में मांग थी। ‘रानीपुर टेरीकॉट’ के नाम से जाना जाने वाला ये कपड़ा शूटिंग-शर्टिंग को टक्कर देता नजर आता था। बड़े - बड़े शहरों में रानीपुर टेरीकॉट के नाम से कपड़े की दुकानें हुआ करती थीं। अच्छी गुणवत्ता के साथ सस्ता होने की वजह से ये ग्राहकों की पहली पसंद हुआ करता था। कपड़ा उत्पादन के लिए रानीपुर में घर-घर में पावरलूम लगे हुए थे, जो दिन रात चलते थे। रानीपुर टेरीकॉट बीस हजार परिवारों की आमदनी का जरिया थी। लेकिन, सन 1990 के बाद से इस कारोबार के बुरे दिन शुरू हो गए। पहला झटका बिजली ने दिया। पर्याप्त बिजली न मिलने की वजह से उत्पादन प्रभावित हो गया। साथ ही बिजली महंगी होने की वजह से मुनाफा भी कम हो गया। कच्चे माल की कीमतें बढ़ती गईं, लेकिन कपड़े के दाम नहीं बढ़ पाए। सरकार की ओर से भी इस कारोबार को कोई प्रोत्साहन नहीं दिया गया। धीरे - धीरे ये सिमटता चला गया। रानीपुर में पावरलूम तो अब भी लगे हुए हैं, लेकिन इक्का-दुक्का में ही कपड़े का उत्पादन होता है। यहां का कपड़ा गमछे तक सिमट कर रह गया है। पुराने लोग ही इस कारोबार को चला रहे हैं। नई पीढ़ी ने इससे दूरी बना ली है। लेकिन, अब सरकार ने इसकी सुध ली है। भारत सरकार के सूक्ष्म और लघु उद्यम कलस्टर विकास कार्यक्रम के तहत रानीपुर में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से यहां सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है। केंद्र में कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। लैब होगी, जिसमें कपड़े की टेस्टिंग का काम होगा। इसके अलावा कई आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जिसका लाभ बुनकर उठा सकेंगे। कम लागत में वे बेहतर कपड़ा तैयार कर सकेंगे।
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मसाले एवं ग्रेंस क्लस्टर की भी होगी स्थापना
झांसी। भारत सरकार के सूक्ष्म और लघु उद्यम कलस्टर विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 16 जिलों में 17 सामान्य सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें से झांसी को दो मिले हैं। रानीपुर हैंडलूम कलस्टर के अलावा यहां 8.23 करोड़ रुपये की लागत से प्रोसेसिंग पैकेजिंग मसाले एवं ग्रेंस कलस्टर भी स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए ललितपुर मार्ग पर जगह चिह्नित की गई है। इस में दाल, अनाज, मसालों की प्रोसेसिंग की जाएगी और उनकी पैकिंग कर बाजार में बेचा जाएगा। इसके लिए कई उद्यमियों की सहमति भी मिल गई है।
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फोटो (डीएम)...
दोनो कलस्टर जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। रानीपुर के बुनकरों को उच्चस्तरीय सुविधाएं हासिल होंगी, जिससे कपड़ा उत्पादन की लागत कम होगी, साथ ही गुणवत्ता भी बढ़ेगी। प्रोसेसिंग पैकेजिंग मसाले एवं ग्रेंस कलस्टर से किसानों को भी लाभ होगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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