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गांव-गांव में रानी का जन्मोत्सव मनाएंगे शिक्षक
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झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव मनाने के लिए हर वर्ग उत्साहित है। 19 नवंबर को रानी की जयंती पर अमर उजाला की ओर से आयोजित होने वाले समारोह में लोग आगे बढ़कर हिस्सा बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में आगे आए हैं शिक्षक। जी हां, वे अपनी रानी का जन्मोत्सव भव्यता से मनाने के लिए तैयारी में जुट गए हैं। उनका कहना है कि रानी की जयंती पर वे विद्यालय में बच्चों को रानी की गौरवमयी गाथा के बारे में बताएंगे। इसमें अभिभावकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्हें प्रेरित किया जाएगा कि वे रानी के जन्मोत्सव पर शाम को अपने घर में दीप /मोमबत्ती जलाएं। बेसिक शिक्षकों ने कहा कि वे गांव-गांव में रानी का जन्मोत्सव मनाएंगे। ज्यादातर शिक्षकों की तैनाती ग्रामीण इलाकों में है। ऐसे में नगर से लेकर देहाती क्षेत्रों तक में रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों ने तय किया है कि वे अपने घर व आसपास के घरों के बाहर दीप जलाकर अपनी रानी के प्रति आस्था प्रकट करेंगे। साथ ही सामूहिक दीपांजलि कार्यक्रम का भी हिस्सा बनेंगे।
रानी का नाम जुबां पर आते ही झांसी के हर बाशिंदे का माथा फक्र से ऊंचा हो जाता है। उनके जन्मोत्सव पर विद्यालयों में बच्चों व उनके अभिभावकों को रानी की गौरवगाथा सुनाई जाएगी व श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
- अजय यादव
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव पर विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सभी शिक्षक अपने घरों में भी रानी को दीपांजलि अर्पित करेंगे। इसमें पूरे परिवार की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
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- प्रसून तिवारी
झांसी में रहना हमारे लिए गौरव की बात है। रानी के पराक्रम और त्याग की वजह से आज झांसी देश में कहीं भी पहचान का मोहताज नहीं है। रानी का जन्मोत्सव हर विद्यालय में पूरी श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारियां हैं।
- दीपचंद्र
विद्यालय में बच्चों को रानी के जीवन वृत्त की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे उनसे प्रेरणा ले सकें। उत्साह के साथ स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम की दीपशिखा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
- मनोज शाक्य
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव को लेकर हर वर्ग में उत्साह है। इसकी वजह ये है कि सभी में रानी के प्रति अगाध आस्था है। समारोह में सहभागिता अपनी आस्था को प्रकट करने का जरिया है।
- ऋतुल विवेक त्रिपाठी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव के आयोजन का हिस्सा बनने के लिए शिक्षक उत्साहित हैं। शिक्षकों के माध्यम से गांव-गांव में रानी की जयंती मनाई जाएगी। इसमें सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
- राघवेंद्र सिंह निरंजन
गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत का वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया में मान बढ़ाया था। उनका जन्मदिन शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ मिलकर पूरी भव्यता से मनाएंगे। सभी रानी को याद करेंगे।
- अनुज पाठक
महारानी लक्ष्मीबाई सांप्रदायिक सद्भाव की प्रतीक रही हैं। उनके प्रति हर वर्ग की आस्था है। सभी मिलकर रानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाएंगे। स्कूलों के अलावा घरों में भी रानी को याद किया जाएगा।
- डा. कादिर खान
विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे रानी के जन्मोत्सव पर अपने घरों में दीप जलाएं। विद्यालय में दिन में कार्यक्रम आयोजित कर रानी की गौरवगाथा का गुणगान होगा।
- मनोज शर्मा
रानी नारी शक्ति का अभिमान हैं। उन्होंने भारत की महिलाओं का सिर पूरी दुनिया में ऊंचा किया था। 19 नवंबर की तारीख झांसी और महिलाओं के लिए किसी महापर्व से कम नहीं है। भव्यता से जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
- अर्चना सोनी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर होने वाले आयोजनों में बढ़ - चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। औरों को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे दीप जलाकर रानी के प्रति आस्था प्रकट करें।
- प्रतिमा कुशवाहा
रानी के प्रति लोगों की अटूट आस्था है। इसी का नतीजा है कि आज पूरा झांसी रानी का जन्मोत्सव मनाने को तत्पर है। विद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित कर आज की पीढ़ी को रानी के जीवन वृत्त से परिचय कराया जाएगा।
- महावीर शरण
महारानी लक्ष्मीबाई पूरी दुनिया में नारी अस्मिता का प्रतीक हैं। उनके जन्मोत्सव पर बच्चे भी अपने घर में दीप जलाएं, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। दीपावली की तरह रानी जयंती की तारीख 19 नवंबर जगमग नजर आएगी।
- अदिती श्रीवास्तव
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रानी का नाम जुबां पर आते ही झांसी के हर बाशिंदे का माथा फक्र से ऊंचा हो जाता है। उनके जन्मोत्सव पर विद्यालयों में बच्चों व उनके अभिभावकों को रानी की गौरवगाथा सुनाई जाएगी व श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
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- अजय यादव
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव पर विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सभी शिक्षक अपने घरों में भी रानी को दीपांजलि अर्पित करेंगे। इसमें पूरे परिवार की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
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- प्रसून तिवारी
झांसी में रहना हमारे लिए गौरव की बात है। रानी के पराक्रम और त्याग की वजह से आज झांसी देश में कहीं भी पहचान का मोहताज नहीं है। रानी का जन्मोत्सव हर विद्यालय में पूरी श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारियां हैं।
- दीपचंद्र
विद्यालय में बच्चों को रानी के जीवन वृत्त की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे उनसे प्रेरणा ले सकें। उत्साह के साथ स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम की दीपशिखा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
- मनोज शाक्य
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव को लेकर हर वर्ग में उत्साह है। इसकी वजह ये है कि सभी में रानी के प्रति अगाध आस्था है। समारोह में सहभागिता अपनी आस्था को प्रकट करने का जरिया है।
- ऋतुल विवेक त्रिपाठी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव के आयोजन का हिस्सा बनने के लिए शिक्षक उत्साहित हैं। शिक्षकों के माध्यम से गांव-गांव में रानी की जयंती मनाई जाएगी। इसमें सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
- राघवेंद्र सिंह निरंजन
गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत का वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया में मान बढ़ाया था। उनका जन्मदिन शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ मिलकर पूरी भव्यता से मनाएंगे। सभी रानी को याद करेंगे।
- अनुज पाठक
महारानी लक्ष्मीबाई सांप्रदायिक सद्भाव की प्रतीक रही हैं। उनके प्रति हर वर्ग की आस्था है। सभी मिलकर रानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाएंगे। स्कूलों के अलावा घरों में भी रानी को याद किया जाएगा।
- डा. कादिर खान
विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे रानी के जन्मोत्सव पर अपने घरों में दीप जलाएं। विद्यालय में दिन में कार्यक्रम आयोजित कर रानी की गौरवगाथा का गुणगान होगा।
- मनोज शर्मा
रानी नारी शक्ति का अभिमान हैं। उन्होंने भारत की महिलाओं का सिर पूरी दुनिया में ऊंचा किया था। 19 नवंबर की तारीख झांसी और महिलाओं के लिए किसी महापर्व से कम नहीं है। भव्यता से जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
- अर्चना सोनी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर होने वाले आयोजनों में बढ़ - चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। औरों को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे दीप जलाकर रानी के प्रति आस्था प्रकट करें।
- प्रतिमा कुशवाहा
रानी के प्रति लोगों की अटूट आस्था है। इसी का नतीजा है कि आज पूरा झांसी रानी का जन्मोत्सव मनाने को तत्पर है। विद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित कर आज की पीढ़ी को रानी के जीवन वृत्त से परिचय कराया जाएगा।
- महावीर शरण
महारानी लक्ष्मीबाई पूरी दुनिया में नारी अस्मिता का प्रतीक हैं। उनके जन्मोत्सव पर बच्चे भी अपने घर में दीप जलाएं, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। दीपावली की तरह रानी जयंती की तारीख 19 नवंबर जगमग नजर आएगी।
- अदिती श्रीवास्तव