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Jhansi News: अट्टहास करने को ‘लंकेश’ तैयार, सरकार से अनुमति का इंतजार
Sun, 20 Sep 2020 01:34 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 01:34 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
झांसी। रामलीला के मंचन में लंकापति रावण का अट्टहास हमेशा से ही दर्शकों के लिए अलग आकर्षण रहा है। कोविड - 19 एवं अधिकमास के कारण अभी रामलीला मंचन नहीं हो रहा है। रावण का किरदार निभाने वाले कलाकारों में इससे खासी बेचैनी है। उनका कहना है कि अगर रामलीला नहीं हुई, तो उन्हें दुख होगा। हालांकि आशा है कि सरकार मंचन को अनुमति जरूर देगी।
महानगर में सदर बाजार एवं बड़ा बाजार में रामलीलाओं का मंचन होता है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय कलाकार रामलीलाओं एवं जुलूस में राम कथा के विभिन्न पात्रों को जीवंत करते हैं। इन कलाकारों का कहना है कि रावण का चरित्र हमेशा से ही दर्शकों एवं कलाकारों के लिए विशेष रहा है। एक महा शक्तिशाली राजा के अट्टहास में कृत्रिमता न दिखे, इसके लिए उन्हें मंचन से पहले काफी तैयारी करनी पड़ती है। गरम पानी पीना पड़ता है। तेल, घी, मसालों से दूर रहना पड़ता है। साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी मुलैठी भी खानी पड़ती है।
भले ही अभी रिहर्सल नहीं हो रही है, लेकिन रावण के संवाद वह बुदबुदाते रहते हैं। इंतजार है कि सरकार रामलीला मंचन की अनुमति दे। - राजू मिश्रा, रामलीला कलाकार
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रावण की भूमिका में अट्टहास महत्वपूर्ण है। इसके लिए मुलैठी, गरम पानी, चाय का उपयोग करना पड़ता है, ताकि गला साफ रहे। - सत्यम बंसल, रामलीला कलाकार
रामलीला में कई बार रावण की भूमिका निभायी है। ऐसे में एक - एक संवाद याद है। दर्शकों को रावण की हंसी और रौबीला अंदाज हमेशा पसंद रहा है। - मनोज विजयवर्गीय, रामलीला कलाकार
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महानगर में सदर बाजार एवं बड़ा बाजार में रामलीलाओं का मंचन होता है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय कलाकार रामलीलाओं एवं जुलूस में राम कथा के विभिन्न पात्रों को जीवंत करते हैं। इन कलाकारों का कहना है कि रावण का चरित्र हमेशा से ही दर्शकों एवं कलाकारों के लिए विशेष रहा है। एक महा शक्तिशाली राजा के अट्टहास में कृत्रिमता न दिखे, इसके लिए उन्हें मंचन से पहले काफी तैयारी करनी पड़ती है। गरम पानी पीना पड़ता है। तेल, घी, मसालों से दूर रहना पड़ता है। साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी मुलैठी भी खानी पड़ती है।
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भले ही अभी रिहर्सल नहीं हो रही है, लेकिन रावण के संवाद वह बुदबुदाते रहते हैं। इंतजार है कि सरकार रामलीला मंचन की अनुमति दे। - राजू मिश्रा, रामलीला कलाकार
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रावण की भूमिका में अट्टहास महत्वपूर्ण है। इसके लिए मुलैठी, गरम पानी, चाय का उपयोग करना पड़ता है, ताकि गला साफ रहे। - सत्यम बंसल, रामलीला कलाकार
रामलीला में कई बार रावण की भूमिका निभायी है। ऐसे में एक - एक संवाद याद है। दर्शकों को रावण की हंसी और रौबीला अंदाज हमेशा पसंद रहा है। - मनोज विजयवर्गीय, रामलीला कलाकार