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Jhansi: रामकिशोर साहू बने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष, नई टीम को लेकर बढ़ी सक्रियता
Fri, 26 Jun 2026 02:35 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:35 AM IST
सार
करीब 12 साल बाद एक बार फिर झांसी के खाते में क्षेत्रीय अध्यक्ष की कमान आई है। इससे पहले वर्ष 2010 में झांसी निवासी कुंवर मानवेंद्र सिंह को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।
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रामकिशोर साहू।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा ने मऊरानीपुर निवासी रामकिशोर साहू को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह अब तक क्षेत्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। करीब 12 साल बाद एक बार फिर झांसी के खाते में क्षेत्रीय अध्यक्ष की कमान आई है। राजनीतिक जानकार इसे पिछड़ा वर्ग में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
इससे पहले वर्ष 2010 में झांसी निवासी कुंवर मानवेंद्र सिंह को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। तीन साल बाद 2013 में कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र अलग होने पर बाबूराम निषाद को बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2014 में रामरतन कुशवाहा क्षेत्रीय अध्यक्ष बने। वर्ष 2016 में दोनों क्षेत्रों के फिर एकीकरण के बाद मानवेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। वह दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। इसके बाद वर्ष 2023 में प्रकाश पाल को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद अब रामकिशोर साहू को यह जिम्मेदारी दी गई है।
संघ स्वयंसेवक से क्षेत्रीय अध्यक्ष तक का सफर
रामकिशोर साहू वर्ष 1976 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। वर्ष 1988 से 2004 तक वह संघ के प्रचारक रहे। इस दौरान उन्होंने झांसी में सह जिला कार्यवाह, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख, जिला कार्यवाह और प्रांत सह संपर्क प्रमुख जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2012 से 2015 तक वह भाजपा झांसी जिले के जिला महामंत्री रहे। इसके बाद कई जिलों के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 से वह लगातार तीसरी बार कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के महामंत्री पद पर थे।
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नई टीम को लेकर बढ़ी सक्रियता
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठनात्मक रूप से 17 जिले आते हैं। क्षेत्रीय टीम में आठ उपाध्यक्ष, तीन महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष, आठ मंत्री समेत मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी विभाग की जिम्मेदारियां शामिल होती हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब नई टीम के गठन को लेकर संगठन के नेताओं में सक्रियता बढ़ गई है।
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इससे पहले वर्ष 2010 में झांसी निवासी कुंवर मानवेंद्र सिंह को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। तीन साल बाद 2013 में कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र अलग होने पर बाबूराम निषाद को बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2014 में रामरतन कुशवाहा क्षेत्रीय अध्यक्ष बने। वर्ष 2016 में दोनों क्षेत्रों के फिर एकीकरण के बाद मानवेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। वह दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। इसके बाद वर्ष 2023 में प्रकाश पाल को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद अब रामकिशोर साहू को यह जिम्मेदारी दी गई है।
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संघ स्वयंसेवक से क्षेत्रीय अध्यक्ष तक का सफर
रामकिशोर साहू वर्ष 1976 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। वर्ष 1988 से 2004 तक वह संघ के प्रचारक रहे। इस दौरान उन्होंने झांसी में सह जिला कार्यवाह, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख, जिला कार्यवाह और प्रांत सह संपर्क प्रमुख जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2012 से 2015 तक वह भाजपा झांसी जिले के जिला महामंत्री रहे। इसके बाद कई जिलों के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 से वह लगातार तीसरी बार कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के महामंत्री पद पर थे।
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नई टीम को लेकर बढ़ी सक्रियता
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठनात्मक रूप से 17 जिले आते हैं। क्षेत्रीय टीम में आठ उपाध्यक्ष, तीन महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष, आठ मंत्री समेत मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी विभाग की जिम्मेदारियां शामिल होती हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब नई टीम के गठन को लेकर संगठन के नेताओं में सक्रियता बढ़ गई है।