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Jhansi: 50 मीटर में लगी रोक के चलते अधूरा है 150 किमी लंबा रेल ट्रैक, इस वजह से पुरातत्व विभाग नहीं दे रहा NOC
Sun, 10 Dec 2023 01:47 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:47 PM IST
सार
यह नया रेल ट्रैक पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत के 200 मीटर के दायरे में आ रहा है, जिससे विभाग की ओर से यहां निर्माण पर रोक लगा दी गई है।
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Train demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महज 50 मीटर के हिस्से को छोड़ दिया जाए तो झांसी से आगासौद तक का 150 किलोमीटर लंबा तीसरा रेल ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। केंद्रीय पुरातत्व विभाग की रोक के चलते रेलवे इस छूटे हुए हिस्से में काम नहीं कर पा रहा है, जिससे यह नया बना पूरा रेल ट्रैक अभी अधूरा ही माना जा रहा है।
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सवारी गाड़ी और मालगाड़ियों का आवागमन सुगमता से हो, इसके लिए झांसी रेल मंडल में तीसरे रेल ट्रैक को बनाने का काम तेजी से जारी है। इसी के तहत झांसी से आगासौद तक 150 किलोमीटर लंबा तीसरा रेल ट्रैक बनाया गया है, जिस पर रेलवे की ओर से 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह काम अक्तूबर माह में पूरा हो गया है। बस, इसका धौर्रा से जाखलौन के बीच 50 मीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा हुआ है। यहां काम पर केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने रोक लगा रखी है।
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दरअसल, यह नया रेल ट्रैक पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत के 200 मीटर के दायरे में आ रहा है, जिससे विभाग की ओर से यहां निर्माण पर रोक लगा दी गई है। रेलवे की ओर से अनापत्ति हासिल करने के लिए मंत्रालय स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, जल्द बात बनती नजर नहीं आ रही है। बता दें कि रेलवे के तीसरे रेल ट्रैक पर मालगाड़ियां दौड़ाने की योजना है। इससे पहले और दूसरे ट्रैक पर सवारी गाड़ियों का आवागमन सुगम होगा।
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पुरातत्व विभाग की अनापत्ति प्राप्त करने के लिए पत्राचार जारी है। उम्मीद है कि यह जल्द मिल जाएगी। इसके बाद काम पूरा कर इस रेल ट्रैक का इस्तेमाल किया जाने लगेगा। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी