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छतरपुर तक ट्रैक तैयार, जल्द दौड़ेगी ट्रेन
ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2015 01:00 AM IST
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झांसी। रेलवे ने टीकमगढ़ से छतरपुर तक पटरियां बिछाने का काम पूरा कर लिया है। चीफ सेफ्टी कमिश्नर से हरी झंडी मिलते ही ललितपुर से छतरपुर तक ट्रेन का दौड़ना शुरू हो जाएगा।
बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों के लोग आज भी आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। मध्य प्रदेश से जुड़े टीकमगढ़ से खजुराहो के मध्य आने वाले कस्बे भी इस समस्या से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेल प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। इसी पहल के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ के मध्य 52 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो को जोड़ने की योजना तैयार की गई थी।
ललितपुर से खजुराहो की दूरी 175 किलोमीटर व टीकमगढ़ से खजुराहो की दूरी 123 किलोमीटर है। वर्तमान में ललितपुर व टीकमगढ़ रेल मार्ग पर एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन झांसी से हो रहा है। हाल में ही टीकमगढ़ से छतरपुर के मध्य करीब 110 किलोमीटर में पटरियों को बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।
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चूंकि, टीकमगढ़ से खरगापुर स्टेशन के मध्य 35 किलोमीटर पटरियों को बिछाने का काम उत्तर मध्य रेलवे को करना था, जो पूर्व में ही पूरा किया जा चुका है। सीआरएस ने निरीक्षण उपरांत संचालन की अनुमति भी प्रदान कर दी थी। मगर, टीकमगढ़ व खऱगापुर के बीच एक स्टेशन सरकनपुर आ रहा था। दोनों स्टेशन जंगल में हैं। इस कारण इन स्टेशनों पर ट्रेन को दौड़ाने का काम शुरू नहीं किया गया। खरगापुर से खजुराहो के मध्य रेल पटरियां बिछाने का काम पश्चिम मध्य रेलवे को करना है।
हाल में ही पश्चिम मध्य रेलवे ने छतरपुर तक पटरियां बिछाने का काम पूरा कर लिया है। इससे टीकमगढ़ से छतरपुर तक ट्रेन दौड़ाने का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित मंडल रेल प्रशासन को अब सीआरएस निरीक्षण की तिथि का इंतजार है। सीआरएस निरीक्षण के उपरांत ही उनकी रिपोर्ट पर उक्त नए ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाने की परमीशन मिल सकेगी।
इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक एस के अग्रवाल ने बताया कि मार्च तक ललितपुर से छतरपुर के मध्य ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। चूंकि, अभी छतरपुर से खजुराहो के मध्य पंद्रह किलोमीटर ट्रैक बिछाने का काम बाकी है, इस कारण ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेन वर्ष 2017 में ही दौड़ सकेगी।
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बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों के लोग आज भी आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। मध्य प्रदेश से जुड़े टीकमगढ़ से खजुराहो के मध्य आने वाले कस्बे भी इस समस्या से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेल प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। इसी पहल के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ के मध्य 52 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो को जोड़ने की योजना तैयार की गई थी।
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ललितपुर से खजुराहो की दूरी 175 किलोमीटर व टीकमगढ़ से खजुराहो की दूरी 123 किलोमीटर है। वर्तमान में ललितपुर व टीकमगढ़ रेल मार्ग पर एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन झांसी से हो रहा है। हाल में ही टीकमगढ़ से छतरपुर के मध्य करीब 110 किलोमीटर में पटरियों को बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।
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चूंकि, टीकमगढ़ से खरगापुर स्टेशन के मध्य 35 किलोमीटर पटरियों को बिछाने का काम उत्तर मध्य रेलवे को करना था, जो पूर्व में ही पूरा किया जा चुका है। सीआरएस ने निरीक्षण उपरांत संचालन की अनुमति भी प्रदान कर दी थी। मगर, टीकमगढ़ व खऱगापुर के बीच एक स्टेशन सरकनपुर आ रहा था। दोनों स्टेशन जंगल में हैं। इस कारण इन स्टेशनों पर ट्रेन को दौड़ाने का काम शुरू नहीं किया गया। खरगापुर से खजुराहो के मध्य रेल पटरियां बिछाने का काम पश्चिम मध्य रेलवे को करना है।
हाल में ही पश्चिम मध्य रेलवे ने छतरपुर तक पटरियां बिछाने का काम पूरा कर लिया है। इससे टीकमगढ़ से छतरपुर तक ट्रेन दौड़ाने का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित मंडल रेल प्रशासन को अब सीआरएस निरीक्षण की तिथि का इंतजार है। सीआरएस निरीक्षण के उपरांत ही उनकी रिपोर्ट पर उक्त नए ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाने की परमीशन मिल सकेगी।
इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक एस के अग्रवाल ने बताया कि मार्च तक ललितपुर से छतरपुर के मध्य ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। चूंकि, अभी छतरपुर से खजुराहो के मध्य पंद्रह किलोमीटर ट्रैक बिछाने का काम बाकी है, इस कारण ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेन वर्ष 2017 में ही दौड़ सकेगी।