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पारीछा थर्मल पावर प्लांट में उत्पादन फिर ठप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:40 AM IST
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पारीछा थर्मल पावर प्लांट में उत्पादन फिर ठप
- फोटो : demo
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अचानक डिमांड कम होने पर बुधवार को पारीछा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों को फिर ठप कर दिया गया। यहां 250 मेगावाट बिजली बन रही थी।
स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के निर्देश पर प्रदेश में बिजली डिमांड कम होने के कारण 26 जनवरी की मध्य रात्रि से पारीछा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों को बंद कर दिया गया था। विगत नौ मार्च को 210 मेगावाट की चार नंबर और 250 मेगावाट की छह नंबर इकाई को चालू किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से चार नंबर इकाई को अगले दिन ही बंद कर दिया गया था। बुधवार की सुबह आठ बजे नंबर छह इकाई को भी हाई फ्रीक्वेंसी और डिमांड कम बताकर बंद कर दिया गया। गर्मी की दस्तक के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इसके बाद भी डिमांड कम होने की वास्तविकता क्या है? इस पर प्लांट प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि पारीछा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो और 250 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। इनमें 110 मेगावाट की नंबर-एक इकाई मेंटेनेंस के कारण जुलाई 2016 से बंद है।
‘ प्लांट की पांचों मशीनें 1030 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने के लिए पूरी तरह फिट हैं। स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का निर्देश मिलने पर उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा।’
अखिलेश सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, पारीछा थर्मल पावर प्लांट।
दिहाड़ी मजदूरों पर संकट
पारीछा पावर प्लांट में छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य राज्यों के लगभग पांच सौ मजदूर और दैनिक कर्मचारी हैं। प्लांट ठप होने पर दैनिक वेतन भोगी लगभग पांच सौ मजदूरों के हाथ से फिर रोजगार छिन गया है।
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प्लांट बंद करने की तैयारी तो नहीं
लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर प्राइवेट कंपनियों से महंगी बिजली तो खरीद रहा है, लेकिन खुद के प्लांट को बंद करवा रखा है। इससे प्लांट में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों में संशय बना हुआ कि कहीं प्लांट बंद करने की तैयारी तो नहीं है।
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स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के निर्देश पर प्रदेश में बिजली डिमांड कम होने के कारण 26 जनवरी की मध्य रात्रि से पारीछा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों को बंद कर दिया गया था। विगत नौ मार्च को 210 मेगावाट की चार नंबर और 250 मेगावाट की छह नंबर इकाई को चालू किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से चार नंबर इकाई को अगले दिन ही बंद कर दिया गया था। बुधवार की सुबह आठ बजे नंबर छह इकाई को भी हाई फ्रीक्वेंसी और डिमांड कम बताकर बंद कर दिया गया। गर्मी की दस्तक के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इसके बाद भी डिमांड कम होने की वास्तविकता क्या है? इस पर प्लांट प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि पारीछा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो और 250 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। इनमें 110 मेगावाट की नंबर-एक इकाई मेंटेनेंस के कारण जुलाई 2016 से बंद है।
‘ प्लांट की पांचों मशीनें 1030 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने के लिए पूरी तरह फिट हैं। स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का निर्देश मिलने पर उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा।’
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अखिलेश सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, पारीछा थर्मल पावर प्लांट।
दिहाड़ी मजदूरों पर संकट
पारीछा पावर प्लांट में छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य राज्यों के लगभग पांच सौ मजदूर और दैनिक कर्मचारी हैं। प्लांट ठप होने पर दैनिक वेतन भोगी लगभग पांच सौ मजदूरों के हाथ से फिर रोजगार छिन गया है।
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प्लांट बंद करने की तैयारी तो नहीं
लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर प्राइवेट कंपनियों से महंगी बिजली तो खरीद रहा है, लेकिन खुद के प्लांट को बंद करवा रखा है। इससे प्लांट में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों में संशय बना हुआ कि कहीं प्लांट बंद करने की तैयारी तो नहीं है।