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प्रिंसिपल का इकलौता बेटा बेतवा में डूबा, 18 घंटे बाद बरामद हुआ शव
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झांसी/बड़ागांव। बड़ागांव के पास बेतवा नदी में डूब जाने से प्रधानाचार्या के इकलौते बेटे की मौत हो गई। करीब 18 घंटे की खासी मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर उसका शव नदी के अंदर से निकाला जा सका। इस बीच परिजनों ने समय पर बचाव कार्य न होने से जमकर बवाल काटा। करीब आधे घंटे तक उन्होंने राजमार्ग जाम रखा। पुलिस के समझाने-बुझाने पर किसी तरह शांत हुए। देर-शाम पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
बड़ागांव के तकियापुर निवासी बृजबिहारी राजपूत एक निजी अस्पताल में जनसंपर्क अधिकारी हैं। पत्नी अनीता सुल्तानपुरा स्थित सरकारी विद्यालय में प्रधानाचार्या हैं। उनका इकलौता बेटा उत्कर्ष (15) उर्फ प्रिंस नौंवी का छात्र था। बुधवार शाम करीब पांच बजे अपने दोस्त ओम और कृष्णा के साथ घर से करीब दो किलोमीटर दूर बराठा घाट पर बेतवा नदी में नहाने गया था। तीनों को तैरना नहीं आता था लेकिन, तीनों गहरे पानी की ओर चले गए। इसी दौरान प्रिंस डूबने लगा। ओम और कृष्णा ने शोर मचाया। शोर सुनकर वहां एक नाव वाला आ गया। उसने सिर्फ ओम और कृष्णा को देखा। दोनों को खींचकर वह घाट के किनारे तक लाया। हादसे से ओम और कृष्णा बुरी तरह घबरा गए। कपड़े पहनने के बाद उन्होंने वहां मौजूद पुजारी को प्रिंस के डूबने की बात बताई। यह सुन पुजारी के होश उड़ गए। उसने शोर मचाना शुरू किया। तब तक प्रिंस के नदी में डूबे एक घंटा गुजर चुका था। सूचना मिलने पर बड़ागांव पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रिंस की तलाश शुरू हुई लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चला। अंधेरा होने से तलाश अभियान बंद हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर उसका शव बरामद करने में कामयाबी मिली। देर-शाम पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है।
नाराज परिजनों ने नेशनल हाइवे पर लगाया जाम
पुलिस ने अंधेरा होने की वजह से बुधवार की रात बचाव कार्य बंद करा दिया लेकिन, बृहस्पतिवार सुबह बचाव शुरू नहीं किया। परेशान परिजनों ने अफसरों से गुहार लगाई लेकिन, कोई भी जवाब नहीं मिला। नाराज होकर करीब साढ़े छह बजे परिजन नेशनल हाइवे पर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठने से वहां जाम लगना शुरू हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम सान्या छाबड़ा, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ अवनीश गौतम समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। किसी तरह समझा-बुझाकर जाम खुलवाया गया। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की और कार्रवाई शुरू कराने का भरोसा दिलाया।
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गहरे गड्डे में फंसा हुआ था शव
मछुवारे की टीम ने नदी में जाल डाला लेकिन, करीब करीब चार घंटे तक तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। कई जगह जाल डालने के बाद आखिरकार शव बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि शव काफी अंदर गड्डे में चला गया था इस वजह से बाहर निकालने में काफी परेशानी उठानी पड़ी हालांकि नदी में मगरमच्छ होने की संभावना के चलते लोग उसका शिकार हो जाने की भी आशंका जता रहे थे।
दोनों बहनों को रो-रोकर हुआ बुरा हाल
भाई प्रिंस का शव बरामद होते ही उसकी दोनों बहन सौम्या और मान्या का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनको परिवार के लोगों ने किसी तरह संभाला। मां भी अचेत हो गई। कई परिजन उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाने लगे। वहां के हालात को देखकर पुलिस ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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बड़ागांव के तकियापुर निवासी बृजबिहारी राजपूत एक निजी अस्पताल में जनसंपर्क अधिकारी हैं। पत्नी अनीता सुल्तानपुरा स्थित सरकारी विद्यालय में प्रधानाचार्या हैं। उनका इकलौता बेटा उत्कर्ष (15) उर्फ प्रिंस नौंवी का छात्र था। बुधवार शाम करीब पांच बजे अपने दोस्त ओम और कृष्णा के साथ घर से करीब दो किलोमीटर दूर बराठा घाट पर बेतवा नदी में नहाने गया था। तीनों को तैरना नहीं आता था लेकिन, तीनों गहरे पानी की ओर चले गए। इसी दौरान प्रिंस डूबने लगा। ओम और कृष्णा ने शोर मचाया। शोर सुनकर वहां एक नाव वाला आ गया। उसने सिर्फ ओम और कृष्णा को देखा। दोनों को खींचकर वह घाट के किनारे तक लाया। हादसे से ओम और कृष्णा बुरी तरह घबरा गए। कपड़े पहनने के बाद उन्होंने वहां मौजूद पुजारी को प्रिंस के डूबने की बात बताई। यह सुन पुजारी के होश उड़ गए। उसने शोर मचाना शुरू किया। तब तक प्रिंस के नदी में डूबे एक घंटा गुजर चुका था। सूचना मिलने पर बड़ागांव पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रिंस की तलाश शुरू हुई लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चला। अंधेरा होने से तलाश अभियान बंद हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर उसका शव बरामद करने में कामयाबी मिली। देर-शाम पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है।
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नाराज परिजनों ने नेशनल हाइवे पर लगाया जाम
पुलिस ने अंधेरा होने की वजह से बुधवार की रात बचाव कार्य बंद करा दिया लेकिन, बृहस्पतिवार सुबह बचाव शुरू नहीं किया। परेशान परिजनों ने अफसरों से गुहार लगाई लेकिन, कोई भी जवाब नहीं मिला। नाराज होकर करीब साढ़े छह बजे परिजन नेशनल हाइवे पर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठने से वहां जाम लगना शुरू हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम सान्या छाबड़ा, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ अवनीश गौतम समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। किसी तरह समझा-बुझाकर जाम खुलवाया गया। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की और कार्रवाई शुरू कराने का भरोसा दिलाया।
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गहरे गड्डे में फंसा हुआ था शव
मछुवारे की टीम ने नदी में जाल डाला लेकिन, करीब करीब चार घंटे तक तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। कई जगह जाल डालने के बाद आखिरकार शव बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि शव काफी अंदर गड्डे में चला गया था इस वजह से बाहर निकालने में काफी परेशानी उठानी पड़ी हालांकि नदी में मगरमच्छ होने की संभावना के चलते लोग उसका शिकार हो जाने की भी आशंका जता रहे थे।
दोनों बहनों को रो-रोकर हुआ बुरा हाल
भाई प्रिंस का शव बरामद होते ही उसकी दोनों बहन सौम्या और मान्या का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनको परिवार के लोगों ने किसी तरह संभाला। मां भी अचेत हो गई। कई परिजन उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाने लगे। वहां के हालात को देखकर पुलिस ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।