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Jhansi News: 350 नर्सिंग होम में सिर्फ 26 में आभा आईडी पर बन रहे पर्चे

Tue, 16 Jul 2024 01:49 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2024 01:49 AM IST
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Prescriptions are being made on Abha ID in only 26 out of 350 nursing homes.
- सीएमओ लगातार पत्र लिख रहे, मगर कोई असर नहीं दिख रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निजी अस्पतालों में रोगियों के पर्चे आभा आईडी पर नहीं बन रहे हैं, जबकि सीएमओ कई बार निर्देश जारी कर चुके हैं। यहां 350 से ज्यादा नर्सिंग होम हैं, मगर सिर्फ 26 ही आभा आईडी पर पर्चे बना रहे हैं।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर रोगी के उपचार का ब्योरा ऑनलाइन होना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर विवरण देखा जा सके। इसके तहत एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री) में यहां के करीब 350 नर्सिंग होम व अस्पतालों के साथ 750 डॉक्टर व पैरामेडिकल कर्मियों का विवरण अपलोड हो चुका है, फिर भी ये आभा आईडी पर रोगियों के पर्चे नहीं बना रहे। आभा के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर दीपक खरे का कहना है कि जिन नर्सिंग होम में रोजाना सौ से ज्यादा रोगियों की ओपीडी है, वह भी इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। अस्पतालों की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि आभा आईडी पर पर्चे बनाने और इसे अपलोड करने के लिए अतिरिक्त कर्मी का खर्च नहीं झेल सकते। यदि कॉर्डिनेटर कर्मी दे देते हैं, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय का कहना है कि कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं और सभी को बता दिया है कि केंद्र सरकार की योजना के तहत आभा आईडी पर प्रत्येक को पर्चा बनाकर अपलोड भी करना है। अब तक करीब 26 नर्सिंग होम में ही आभा आईडी पर पर्चे बन रहे हैं। फिलहाल पत्र लिखे जा रहे हैं और दिशा-निर्देश मिलने पर सख्ती की जाएगी।
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