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बारिश से घटी बिजली की मांग, पारीछा प्लांट में उत्पादन बंद
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झांसी। कोयला संकट के बीच प्रदेश में बारिश होने से सोमवार को बिजली की मांग घटकर 20 हजार मेगावाट से 11 हजार मेगावाट पर पहुंच गई। इस कारण पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चारों इकाइयों को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ (एसएलडी) के आदेश पर बंद कर दिया गया। वहीं, सोमवार को एक मालगाड़ी मिलने से स्टॉक में दस हजार टन कोयला इकट्ठा हो गया है। इसी तरह माताटीला में स्थित जल विद्युत उत्पादन गृह में रविवार को हुई बारिश के बाद बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया।
झांसी (पारीछा) के थर्मल पावर प्लांट और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। पिछले तीन दिन से प्रदेश में बिजली की मांग घटकर चल रही है। सोमवार को यह मांग घटकर 11 हजार मेगावाट पर पहुंच गई। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में रविवार को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर 250 मेगावाट की दोनों इकाइयों से उत्पादन बंद कर दिया गया। जबकि कोयले की कमी के कारण एक इकाई पहले से ही बंद चल रही थी। सोमवार को बारिश से प्रदेश में डिमांड और घट गई। इस कारण चौथी इकाई को भी बंद कर दिया गया।
इसी तरह ललितपुर प्राइवेट बजाज प्लांट की 660- 660 मेगावाट की तीन इकाइयों से दो से उत्पादन हो रहा है। वहीं, माताटीला बांध पर जल विद्युत प्लांट में तीन यूनिट लगी है। रविवार को बारिश के बाद बांध का जलस्तर बढ़ाने के लिए निकासी को बंद कर दिया गया। इससे बिजली बनना हो गई। माताटीला के अधिशासी अभियंता रविंद्र नाथ यादव ने बताया कि माताटीला बांध पर बना विद्युत उत्पादन गृह सिंचाई के लिए बना है। जब बांध से पानी छोड़ा जाता है, तभी बिजली का उत्पादन हो पाता है।
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एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।
- स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को बंद कर दिया गया है। एसएलडी के आदेश ही अब उत्पादन शुरू किया जाएगा।
- ढाई करोड़ यूनिट का ही हो सका उत्पादन
पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चार इकाइयों से एक महीने में करीब दो करोड़ 20 लाख यूनिट का उत्पादन होता है। इसी तरह ललितपुर स्थित प्राइवेट बजाज संयंत्र में एक महीने के दौरान साढ़े चार करोड़ यूनिट बिजली बनती है। मगर, कोयला संकट के कारण पिछले 15 दिन में ढाई करोड़ यूनिट का ही उत्पादन हो सका।
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झांसी (पारीछा) के थर्मल पावर प्लांट और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। पिछले तीन दिन से प्रदेश में बिजली की मांग घटकर चल रही है। सोमवार को यह मांग घटकर 11 हजार मेगावाट पर पहुंच गई। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में रविवार को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर 250 मेगावाट की दोनों इकाइयों से उत्पादन बंद कर दिया गया। जबकि कोयले की कमी के कारण एक इकाई पहले से ही बंद चल रही थी। सोमवार को बारिश से प्रदेश में डिमांड और घट गई। इस कारण चौथी इकाई को भी बंद कर दिया गया।
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इसी तरह ललितपुर प्राइवेट बजाज प्लांट की 660- 660 मेगावाट की तीन इकाइयों से दो से उत्पादन हो रहा है। वहीं, माताटीला बांध पर जल विद्युत प्लांट में तीन यूनिट लगी है। रविवार को बारिश के बाद बांध का जलस्तर बढ़ाने के लिए निकासी को बंद कर दिया गया। इससे बिजली बनना हो गई। माताटीला के अधिशासी अभियंता रविंद्र नाथ यादव ने बताया कि माताटीला बांध पर बना विद्युत उत्पादन गृह सिंचाई के लिए बना है। जब बांध से पानी छोड़ा जाता है, तभी बिजली का उत्पादन हो पाता है।
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एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।
- स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को बंद कर दिया गया है। एसएलडी के आदेश ही अब उत्पादन शुरू किया जाएगा।
- ढाई करोड़ यूनिट का ही हो सका उत्पादन
पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चार इकाइयों से एक महीने में करीब दो करोड़ 20 लाख यूनिट का उत्पादन होता है। इसी तरह ललितपुर स्थित प्राइवेट बजाज संयंत्र में एक महीने के दौरान साढ़े चार करोड़ यूनिट बिजली बनती है। मगर, कोयला संकट के कारण पिछले 15 दिन में ढाई करोड़ यूनिट का ही उत्पादन हो सका।