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ब्लू व्हेल: पुलिस सतर्क, बच्चों को किया जाएगा जागरूक
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ब्लू व्हेल: पुलिस सतर्क, बच्चों को किया जाएगा जागरूक
झांसी। थाना नवाबाद इलाके में ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलते समय छात्र राहुल (18) के फांसी लगाकर जान देने की घटना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। तय किया गया है पुलिस स्कूलों में जाकर इस खतरनाक खेल के बारे में बच्चों को जागरूक करेगी। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए कई जानकारियां दी जाएंगी।
थाना नवाबाद के तालपुरा मोहल्ला निवासी 18 वर्षीय राहुल के पिता आगरा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां मीना देवी मायके पारीछा में रहती हैं। राहुल अपने दादा जगत सिंह परिहार के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। इस साल उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दादा जगत सिंह के मुताबिक रविवार दोपहर राहुल खाना खाकर कमरे में सोने चला गया था, इसके बाद उसने पंखे से रस्सी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। जगत सिंह के अनुसार राहुल अक्सर मोबाइल पर गेम खेलता रहता था। जिस समय राहुल ने आत्महत्या की उसके पहले भी वह गेम खेल रहा था। उधर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव के पास ही राहुल का मोबाइल भी बरामद हुआ था। लोगों को जब राहुल की मौत का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उनको भी अपने बच्चों की चिंता सताने लगी कि कहीं उनकेे बच्चे भी खतरनाक गेम के शिकार तो नहीं हो रहे हैं। इस घटना ने अन्य बच्चों के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। वहीं, इस घटना से पुलिस भी सतर्क हो गई है। जुुलाई से स्कूल खुलते ही पुलिस बच्चों को जागरूक करेगी। इसके लिए डीआईजी ने भी निर्देश दिए हैं।
यह है ब्लू व्हेल चैलेंज
इस गेम में खतरनाक टास्क या चैलेंज दिया जाता है। इस गेम में यूजर के व्हाटसअप पर एक अंजान नंबर से मैसेज भेजा जाता है। इसके बाद मोमो यूजर को जोखिम भरा चैलेंज देता है और पूरा नहीं होने पर मोमो उसे सख्त सजा देने की धमकी देता है। इससे यूजर डरकर आदेश मानने को मजबूर हो जाता है। वह मोमो की बातों में फंसकर मानसिक अवसाद में चला जाता है और जान देने को मजबूर हो जाता है।
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ऐसे मिलता है चैलेंज
- सबसे पहले यूजर को अज्ञात नंबर मिलता है। व्हाट्सएप पर कॉन्टैक्ट नंबर सेव करने पर खतरनाक तस्वीर लगी प्रोफाइल सामने आती है।
- नंबर सेव कर हाय - हैलो करने का चैलेंज दिया जाता है।
- फिर उस अज्ञात नंबर पर बात करने का चैलेंज दिया जाता है।
- आगे बढ़ते ही संदिग्ध नंबर से यूजर को डरावनी तस्वीरें और वीडियो आने लगते हैं।
- यूजर को कुछ टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा नहीं करने पर उसे धमकाया जाता है और धमकी से डरकर यूजर खुदकुशी करने को मजबूर हो जाता है।
मोमो चैलेंज से ऐसे रहें सावधान
- व्हाट्सएप नंबर किसी अज्ञात शख्स के साथ शेयर न करें।
- कोई आपको मोमो की फोटो भेजे या उससे जुड़े कोई काम करने को कहे तो नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दें। पुलिस को सूचना दें।
- मोमो चैलेंज गेम खेलने वाले दोस्तों से दूर रहें।
- माता - पिता बच्चों की इंटरनेट या मोबाइल एक्टिविटी पर निगरानी रखें। कोई संदिग्ध चीज पाने पर बच्चो को तुरंत रोकें।
ब्लू व्हेल गेम बच्चों को दिमागी रूप से इतना अक्षम बना देता है कि बच्चा सही - गलत का अंतर भूल जाता है। गेम क्यूरेटर खिलाड़ी को भावनात्मक तौर पर कमजोर कर देता है, इसलिए अभिभावकों, शिक्षकों की अहम भूमिका है। बच्चा खतरनाक खेल का शिकार न बने, इसलिए अभिभावक बच्चों पर पूरा ध्यान देकर इन बातों का ख्याल रखें। ब्लू व्हेल के किसी भी टास्क के लक्षण मिलें तो फौरन बच्चे को मोबाइल से दूर कर मनोवैज्ञानिक की मदद लें। ब्लू व्हेल का चक्रव्यूह इतना जटिल है कि बच्चों का इससे निकलना बहुत मुश्किल होता है। - डा. अमन किशोर, मनोवैज्ञानिक
इस घटना का संज्ञान लिया गया है। पुलिस मामले की पड़ताल भी कर रही है। यह घटना अति गंभीर है। इसके लिए पुलिस भी अपने स्तर से कार्रवाई कराएगी। सीओ सिटी व महिला थानाध्यक्ष के निर्देशन में एक टीम तैयार कराई जा रही है। जो जुलाई में स्कूल खुलने के बाद बच्चों को इस खतरनाक गेम से बचने के लिए जागरूक करेगी। इसके लिए स्कूलों में अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। - सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी
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झांसी। थाना नवाबाद इलाके में ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलते समय छात्र राहुल (18) के फांसी लगाकर जान देने की घटना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। तय किया गया है पुलिस स्कूलों में जाकर इस खतरनाक खेल के बारे में बच्चों को जागरूक करेगी। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए कई जानकारियां दी जाएंगी।
थाना नवाबाद के तालपुरा मोहल्ला निवासी 18 वर्षीय राहुल के पिता आगरा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां मीना देवी मायके पारीछा में रहती हैं। राहुल अपने दादा जगत सिंह परिहार के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। इस साल उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दादा जगत सिंह के मुताबिक रविवार दोपहर राहुल खाना खाकर कमरे में सोने चला गया था, इसके बाद उसने पंखे से रस्सी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। जगत सिंह के अनुसार राहुल अक्सर मोबाइल पर गेम खेलता रहता था। जिस समय राहुल ने आत्महत्या की उसके पहले भी वह गेम खेल रहा था। उधर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव के पास ही राहुल का मोबाइल भी बरामद हुआ था। लोगों को जब राहुल की मौत का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उनको भी अपने बच्चों की चिंता सताने लगी कि कहीं उनकेे बच्चे भी खतरनाक गेम के शिकार तो नहीं हो रहे हैं। इस घटना ने अन्य बच्चों के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। वहीं, इस घटना से पुलिस भी सतर्क हो गई है। जुुलाई से स्कूल खुलते ही पुलिस बच्चों को जागरूक करेगी। इसके लिए डीआईजी ने भी निर्देश दिए हैं।
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यह है ब्लू व्हेल चैलेंज
इस गेम में खतरनाक टास्क या चैलेंज दिया जाता है। इस गेम में यूजर के व्हाटसअप पर एक अंजान नंबर से मैसेज भेजा जाता है। इसके बाद मोमो यूजर को जोखिम भरा चैलेंज देता है और पूरा नहीं होने पर मोमो उसे सख्त सजा देने की धमकी देता है। इससे यूजर डरकर आदेश मानने को मजबूर हो जाता है। वह मोमो की बातों में फंसकर मानसिक अवसाद में चला जाता है और जान देने को मजबूर हो जाता है।
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ऐसे मिलता है चैलेंज
- सबसे पहले यूजर को अज्ञात नंबर मिलता है। व्हाट्सएप पर कॉन्टैक्ट नंबर सेव करने पर खतरनाक तस्वीर लगी प्रोफाइल सामने आती है।
- नंबर सेव कर हाय - हैलो करने का चैलेंज दिया जाता है।
- फिर उस अज्ञात नंबर पर बात करने का चैलेंज दिया जाता है।
- आगे बढ़ते ही संदिग्ध नंबर से यूजर को डरावनी तस्वीरें और वीडियो आने लगते हैं।
- यूजर को कुछ टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा नहीं करने पर उसे धमकाया जाता है और धमकी से डरकर यूजर खुदकुशी करने को मजबूर हो जाता है।
मोमो चैलेंज से ऐसे रहें सावधान
- व्हाट्सएप नंबर किसी अज्ञात शख्स के साथ शेयर न करें।
- कोई आपको मोमो की फोटो भेजे या उससे जुड़े कोई काम करने को कहे तो नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दें। पुलिस को सूचना दें।
- मोमो चैलेंज गेम खेलने वाले दोस्तों से दूर रहें।
- माता - पिता बच्चों की इंटरनेट या मोबाइल एक्टिविटी पर निगरानी रखें। कोई संदिग्ध चीज पाने पर बच्चो को तुरंत रोकें।
ब्लू व्हेल गेम बच्चों को दिमागी रूप से इतना अक्षम बना देता है कि बच्चा सही - गलत का अंतर भूल जाता है। गेम क्यूरेटर खिलाड़ी को भावनात्मक तौर पर कमजोर कर देता है, इसलिए अभिभावकों, शिक्षकों की अहम भूमिका है। बच्चा खतरनाक खेल का शिकार न बने, इसलिए अभिभावक बच्चों पर पूरा ध्यान देकर इन बातों का ख्याल रखें। ब्लू व्हेल के किसी भी टास्क के लक्षण मिलें तो फौरन बच्चे को मोबाइल से दूर कर मनोवैज्ञानिक की मदद लें। ब्लू व्हेल का चक्रव्यूह इतना जटिल है कि बच्चों का इससे निकलना बहुत मुश्किल होता है। - डा. अमन किशोर, मनोवैज्ञानिक
इस घटना का संज्ञान लिया गया है। पुलिस मामले की पड़ताल भी कर रही है। यह घटना अति गंभीर है। इसके लिए पुलिस भी अपने स्तर से कार्रवाई कराएगी। सीओ सिटी व महिला थानाध्यक्ष के निर्देशन में एक टीम तैयार कराई जा रही है। जो जुलाई में स्कूल खुलने के बाद बच्चों को इस खतरनाक गेम से बचने के लिए जागरूक करेगी। इसके लिए स्कूलों में अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। - सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी