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पहली बार पुलिस को मिली छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:56 AM IST
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police, lalitpur news
- फोटो : demo
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झांसी। दीपावली हो या ईद, जब सभी अपने परिवार के साथ त्योहार की मस्ती में डूबे होते हैं, तब पुलिस कर्मी अपने परिजनों से दूर रहकर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहते हैं। उनके खाते में न तो रविवार की छुट्टी जाती है और न ही कोई अन्य सरकारी अवकाश मिल पाता है। इस लिहाज से सोमवार का दिन झांसी में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए ऐतिहासिक रहा है। कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल रैंक के पुलिस कर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की शुरुआत हुई। इसे लेकर पुलिस कर्मी खासे उत्साहित नजर आए।
सरकारी व गैर सरकारी सभी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलता है। लेकिन, पुलिस कर्मी अब तक इससे वंचित थे। उन्हें सप्ताह में सातों दिन ड्यूटी करनी होती थी तथा काम के घंटे भी निर्धारित नहीं थे। लेकिन, अब एक नई शुरुआत हुई है। जिले में तैनात कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल के साप्ताहिक अवकाश के अलग-अलग दिन तय कर दिए गए हैं। इस पर डीआईजी शरद सचान का कहना है कि किसी से उसकी पूरी क्षमता के अनुसार काम लेना है, इसके लिए उसे रेस्ट भी देना होगा।
पुलिस कर्मियों का साप्ताहिक अवकाश शुरू कर दिया गया है। लेकिन, अब उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का पूरी क्षमता के साथ निर्वहन करना होगा। कर्मचारियों की गैर मौजूदगी का जनता की सेवाओं पर कोई असर न पड़े, इसका भी विभाग को पूरा ध्यान रखना होगा।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार छुट्टी वाला दिन पुलिस कर्मी अपने परिवार को दे सकेंगे। इसके अलावा वह घर के कामकाज भी निपटा सकेंगे। इससे उनका मानसिक तनाव बेहद कम होगा। इससे उनकी ऊर्जा बढ़ेगी, जिससे वह पूरी क्षमता से अपनी ड्यूटी कर सकेंगे।
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सरकारी व गैर सरकारी सभी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलता है। लेकिन, पुलिस कर्मी अब तक इससे वंचित थे। उन्हें सप्ताह में सातों दिन ड्यूटी करनी होती थी तथा काम के घंटे भी निर्धारित नहीं थे। लेकिन, अब एक नई शुरुआत हुई है। जिले में तैनात कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल के साप्ताहिक अवकाश के अलग-अलग दिन तय कर दिए गए हैं। इस पर डीआईजी शरद सचान का कहना है कि किसी से उसकी पूरी क्षमता के अनुसार काम लेना है, इसके लिए उसे रेस्ट भी देना होगा।
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पुलिस कर्मियों का साप्ताहिक अवकाश शुरू कर दिया गया है। लेकिन, अब उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का पूरी क्षमता के साथ निर्वहन करना होगा। कर्मचारियों की गैर मौजूदगी का जनता की सेवाओं पर कोई असर न पड़े, इसका भी विभाग को पूरा ध्यान रखना होगा।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार छुट्टी वाला दिन पुलिस कर्मी अपने परिवार को दे सकेंगे। इसके अलावा वह घर के कामकाज भी निपटा सकेंगे। इससे उनका मानसिक तनाव बेहद कम होगा। इससे उनकी ऊर्जा बढ़ेगी, जिससे वह पूरी क्षमता से अपनी ड्यूटी कर सकेंगे।