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पुलिस कर्मी पहले खुद सुधरें, फिर दूसरों को सुधारें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2016 01:03 AM IST
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traffic month jhansi
- फोटो : demo
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पुलिस कर्मी अपने आप को सुधार लें तो व्यवस्था अपने आप सुधर जाएगी। वह खुद ही हेलमेट नहीं पहनते हैं तो किसी और को इसके लिए बाध्य कैसे करेंगे। पुलिस चाहे तो ट्रैफिक व्यवस्था जल्द सुधर जाएगी। यह बात यातायात माह के उद्घाटन के अवसर पर डीआईजी शरद सचान ने बृहस्पतिवार को यातायात पुलिस कार्यालय में कही।
उन्होंने कहा कि जनपद की करीब बीस लाख की आबादी हैं और जिसमें एक प्रतिशत से भी कम अपराधी होंगे। जबकि, सौ फीसदी जनता ट्रैफिक की समस्या से जूझ रही हैं। अगर सभी थानों की पुलिस चाहे तो लोगों के सहयोग से इस समस्या से निपटा जा सकता है। उन्होंने व्यापारी नेताओं से आग्रह किया कि वे मुफ्त में हेलमेट नहीं बांटे। मुफ्त की वस्तु की कोई कद्र नहीं होती है। हेलमेट को खरीदने के लिए मजबूर करें, तभी दो पहिया सवार उसे लगाने की आदत डालेंगे।
एसएसपी अब्दुल हमीद ने कहा कि हेलमेट के बिना चलने वाले पुलिस कर्मियों के सबसे पहले चालान काटे जाएं और उनकी सूची उपलब्ध कराएं। आरटीओ संजय सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी सबसे अधिक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही है। व्यापारी नेता संजय पटवारी ने कहा कि यातायात पर जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस मौके पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, मनोज वर्मा, विनय गुप्ता, अरुण कुमार, राजेंद्र चावला, शिवप्रताप तिवारी, संजय वर्मा, सचिन कंचन, शुभम टंडन, दीपशिखा शर्मा, मनोज कुशवाहा उपस्थित थे। संचालन सीओ सिटी संजय शर्मा व आभार टीएसआई सुभाष यादव ने व्यक्त किया।
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उल्लेखनीय कार्य पर होंगे पुरस्कृत
डीआईजी व एसएसपी ने संयुक्त रूप से घोषणा की यातायात माह के दौरान पुलिस कर्मी या आमजन जो भी ट्रैफिक से जुड़े उल्लेखनीय कार्य करेगा, उनको पुरस्कृत किया जाएगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।
- शराब पीकर वाहन न चलाएं न चलाने दें।
- ओवरटेकिंग के समय सावधानी बरतें।
- वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें।
- यात्रा करते समय शरीर का कोई अंग वाहन से बाहर न निकालें।
- ट्रैफिक रुकने पर ओवरटेक करके अपनी गाड़ी को कभी आगे न ले जाएं।
- सड़क पर कभी-भी वाहन पार्क न करें।
स्कूली बच्चे भी सीखे
- जल्दबाजी न करें, बस के रुकने का इंतजार करें।
- एक कतार में रहकर बस में प्रवेश करें।
- पायदान पर खड़े होकर यात्रा न करें।
- बस के अगले दरवाजे से बाहर निकलें।
- खोई चीजें वापस लेने के लिए बस के नीचे न जाएं।
- बस के पीछे न चलें, जहां ड्राइवर नहीं देख सकता।
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उन्होंने कहा कि जनपद की करीब बीस लाख की आबादी हैं और जिसमें एक प्रतिशत से भी कम अपराधी होंगे। जबकि, सौ फीसदी जनता ट्रैफिक की समस्या से जूझ रही हैं। अगर सभी थानों की पुलिस चाहे तो लोगों के सहयोग से इस समस्या से निपटा जा सकता है। उन्होंने व्यापारी नेताओं से आग्रह किया कि वे मुफ्त में हेलमेट नहीं बांटे। मुफ्त की वस्तु की कोई कद्र नहीं होती है। हेलमेट को खरीदने के लिए मजबूर करें, तभी दो पहिया सवार उसे लगाने की आदत डालेंगे।
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एसएसपी अब्दुल हमीद ने कहा कि हेलमेट के बिना चलने वाले पुलिस कर्मियों के सबसे पहले चालान काटे जाएं और उनकी सूची उपलब्ध कराएं। आरटीओ संजय सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी सबसे अधिक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही है। व्यापारी नेता संजय पटवारी ने कहा कि यातायात पर जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस मौके पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, मनोज वर्मा, विनय गुप्ता, अरुण कुमार, राजेंद्र चावला, शिवप्रताप तिवारी, संजय वर्मा, सचिन कंचन, शुभम टंडन, दीपशिखा शर्मा, मनोज कुशवाहा उपस्थित थे। संचालन सीओ सिटी संजय शर्मा व आभार टीएसआई सुभाष यादव ने व्यक्त किया।
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उल्लेखनीय कार्य पर होंगे पुरस्कृत
डीआईजी व एसएसपी ने संयुक्त रूप से घोषणा की यातायात माह के दौरान पुलिस कर्मी या आमजन जो भी ट्रैफिक से जुड़े उल्लेखनीय कार्य करेगा, उनको पुरस्कृत किया जाएगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।
- शराब पीकर वाहन न चलाएं न चलाने दें।
- ओवरटेकिंग के समय सावधानी बरतें।
- वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें।
- यात्रा करते समय शरीर का कोई अंग वाहन से बाहर न निकालें।
- ट्रैफिक रुकने पर ओवरटेक करके अपनी गाड़ी को कभी आगे न ले जाएं।
- सड़क पर कभी-भी वाहन पार्क न करें।
स्कूली बच्चे भी सीखे
- जल्दबाजी न करें, बस के रुकने का इंतजार करें।
- एक कतार में रहकर बस में प्रवेश करें।
- पायदान पर खड़े होकर यात्रा न करें।
- बस के अगले दरवाजे से बाहर निकलें।
- खोई चीजें वापस लेने के लिए बस के नीचे न जाएं।
- बस के पीछे न चलें, जहां ड्राइवर नहीं देख सकता।