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Jhansi News: तोड़े जाएंगे शिवपुरी-कानपुर हाइवे पर 29 लाख की लागत से बने पिलर
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झांसी। सैन्य इजाजत न मिलने से शिवपुरी-कानपुर हाइवे पर स्वर्णिम चर्तुभुज योजना के अंतर्गत प्रस्तावित फ्लाई ओवर आगे नहीं बनेगा। यहां चार पिलर समेत एक हिस्से में करीब 29 लाख की लागत से निर्माण कराया गया लेकिन, अब नए निर्माण से पहले इसे ध्वस्त कराया जाएगा। इसके बाद यहां नया अंडर पाथ वे बनाया जाएगा। इसका डीपीआर एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) तैयार करने में जुटा है। इस अंडर पाथ वे की मदद से शिवपुरी से कानपुर की ओर आने-जाने वाले भारी वाहन बिना ग्वालियर रोड आए बाहर से आगे निकल सकेंगे।
अटल बिहारी बाजपेई सरकार ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई को छह लेन वाले राजमार्ग के एक नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई थी। इस स्वर्णिम चर्तुभुज को झांसी में शिवपुरी-कानपुर हाइवे से होकर गुजरना था। वर्ष 2006 में यहां प्रारंभिक निर्माण आरंभ हुआ लेकिन, प्रस्तावित फ्लाई ओवर की ऊंचाई सड़क से करीब 3.90 मीटर तक हो रही थी। ऊंचाई अधिक होने की वजह से सेना ने हवाई पट्टी का हवाला देते हुए इजाजत देने से इंकार कर दिया। पिछले करीब 16 साल से यह मामला अटका हुआ था। एनएचएआई ने रक्षा मंत्रालय से भी मंजूरी मांगी लेकिन, वहां से प्रस्ताव नामंजूर हो गया।
सेना की इजाजत न मिलने से यह काम अब आगे नहीं कराया जाएगा। इसकी जगह एनएचएआई ग्वालियर रोड पर इसी चौराहे से ग्वालियर की ओर 1.25 किलोमीटर आगे नया फ्लाई ओवर बनाएगा। परियोजना प्रबंधक सुनील चंद्र जैन के मुताबिक सैन्य इजाजत न मिलने की वजह से पुराने प्रस्ताव की जगह अब नए फ्लाई ओवर का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। पुराने निर्माण को तोड़कर वहां पर अंडर पाथ वे बनाया जाएगा।
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अटल बिहारी बाजपेई सरकार ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई को छह लेन वाले राजमार्ग के एक नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई थी। इस स्वर्णिम चर्तुभुज को झांसी में शिवपुरी-कानपुर हाइवे से होकर गुजरना था। वर्ष 2006 में यहां प्रारंभिक निर्माण आरंभ हुआ लेकिन, प्रस्तावित फ्लाई ओवर की ऊंचाई सड़क से करीब 3.90 मीटर तक हो रही थी। ऊंचाई अधिक होने की वजह से सेना ने हवाई पट्टी का हवाला देते हुए इजाजत देने से इंकार कर दिया। पिछले करीब 16 साल से यह मामला अटका हुआ था। एनएचएआई ने रक्षा मंत्रालय से भी मंजूरी मांगी लेकिन, वहां से प्रस्ताव नामंजूर हो गया।
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सेना की इजाजत न मिलने से यह काम अब आगे नहीं कराया जाएगा। इसकी जगह एनएचएआई ग्वालियर रोड पर इसी चौराहे से ग्वालियर की ओर 1.25 किलोमीटर आगे नया फ्लाई ओवर बनाएगा। परियोजना प्रबंधक सुनील चंद्र जैन के मुताबिक सैन्य इजाजत न मिलने की वजह से पुराने प्रस्ताव की जगह अब नए फ्लाई ओवर का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। पुराने निर्माण को तोड़कर वहां पर अंडर पाथ वे बनाया जाएगा।
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