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होर्डिंग अभियान की खबर

Thu, 23 Sep 2021 01:23 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 01:23 AM IST
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Permission 90 advertisement boards, 150 installed in the metropolis
झांसी। महानगर की सुंदरता पर दाग लगाने में प्रशासन, नेताओं के साथ-साथ विज्ञापन एजेेंसियों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। आलम यह है कि विज्ञापन एजेंसियों ने नगर निगम ने स्वीकृत किए गए स्थानों के अलावा भी करीब 60 जगहों पर अवैध रूप से विज्ञापन पट (कैंटीलीवर) लगा दिए हैं। नगर निगम ने महानगर में 90 स्थानों पर विज्ञापन पट लगाने का अनुबंध किया है, लेकिन एजेंसी ने 150 जगहों पर अपने विज्ञापन और होर्डिंग ठोंक दिए हैं। कई जगहों पर तो यह होर्डिंग हादसों का सबब बन रहे हैं।
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महानगर में नगर निगम विज्ञापन के लिए एजेंसियों से अनुबंध करता है। निगम की ओर से विज्ञापन पट के लिए महानगर में 90 स्थान चयनित किए गए हैं। पड़ताल में सामने आया कि इलाइट से कानपुर रोड पर ही 31 की अनुमति के सापेक्ष 55 विज्ञापन पट खड़े हुए हैं। इसके अलावा इलाइट चौराहा से हवाई पट्टी ग्वालियर रोड तक 11 की अनुमति के सापेक्ष 24, इलाइट से शिवपुरी बाइपास तक 10 की अनुमति के स्थान पर 29, जेल चौराहे से राजगढ़ तक 10 की अनुमति के स्थान पर करीब 15 विज्ञापन पट हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख मार्गों पर का भी हाल कुछ ऐसा ही है। विज्ञापन एजेंसियों की मनमानी के चलते नगर निगम को हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही महानगर की सुंदरता पर दाग लग रहा है। इसके अलावा बांस-बल्लियों पर खड़े होर्डिंग भी अवैध हैं।
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डिवाइडरों पर भी लगा दिए, दिशासूचक भी नहीं
नियमों के मुताबिक विज्ञापन पट (कैंटीलीवर) को हमेशा रोड के एक किनारे पर लगाया जाता है। एल शेप के इस विज्ञापन पट को महानगर में तमाम जगहों पर डिवाइडरों पर लगा दिया गया है। इसके चलते कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं महानगर में लगाए गए गैंट्री पर दिशासूचक लगाने का नियम है, लेकिन महानगर में यह नजर नहीं आते।
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खत्म हो चुका अनुबंध
महानगर में विज्ञापन पट लगाने का काम कर रही एजेंसी का अनुबंध कई महीने पहले खत्म हो चुका है, लेकिन अब तक एजेंसी काम कर रही है। अनुबंध के मुताबिक एक विज्ञापन पट की कीमत 70 हजार रुपये है। महानगर में करीब 60 स्थानों पर अनुमति के बिना यह कैंटीलीवर लगे हैं। ऐसे में निगम को हर साल करीब 40 लाख का नुकसान हो रहा है।

कुछ विज्ञापन एजेंसियों का अनुबंध खत्म हो चुका है। नई टेंडर प्रक्रिया कराई जा रही है। इसके अलावा जहां पर अवैध रूप से कैंटीलीवर लगे हैं, उनको हटवाया जाएगा।
अवनीश राय, नगर आयुक्त
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