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साफ हुआ फोरेंसिक लैब का रास्ता
झांसी/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:51 AM IST
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झांसी। गंभीर अपराधों में फील्ड यूनिट द्वारा उठाए सबूतों के सैंपल की फोरेंसिक लैब से समय पर रिपोर्ट न आने का सीधा लाभ अपराधियों को मिलता है और कभी-कभी पुलिस भी लाचार हो जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
जल्द ही झांसी में भी फोरेंसिक लैब का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। लैब निर्माण की स्वीकृति तो शासन ने बहुत पहले दे दी थी, अब इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इंतजार है तो बस, धनराशि के आवंटित होने का। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
आपराधिक वारदातों की सूक्ष्म पड़ताल में फोरेंसिक साइंस की अहम भूमिका होती है। सबूत के साथ सही अपराधी तक पहुंचने का प्रमुख जरिया फोरेंसिक साइंस को सबसे बेहतर माना जाता है।
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वर्तमान में प्रदेश में केवल दो विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें से एक लखनऊ और दूसरी आगरा में है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है। इससे जांच प्रभावित होती है।
झांसी में लंबी अवधि से परिक्षेत्र स्तरीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) की स्थापना की मांग की जा रही थी, जिसे उत्तर प्रदेश शासन ने मान लिया था। इसके लिए झांसी पुलिस लाइन के पिछले हिस्से में जमीन भी चिह्नित की जा चुकी थी। सिर्फ बजट के इंतजार में मामला लटका था। शासन के वर्ष 2016-2017 के बजट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासन से धनराशि आते ही फोरेंसिक लैब का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
फोरेंसिक लैब बनने से बड़ा केेंद्र बनेगा झांसी
हाल ही में स्थानांतरित हुए एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग के एक कार्यक्रम में दावा किया था कि झांसी में जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) का निर्माण होगा। इसके निर्माण से यहां आपराधिक मामलों की जांच में जहां विशेष सहयोग मिलेगा। वहीं, लैब से विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों को भी सीधे उससे जुड़कर व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने में मदद मिलेगी।
आदेश का इंतजार
पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार के अनुसार विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) के निर्माण का प्रस्ताव तो है और जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने बजट में इसके लिए धनराशि दिए जाने की घोषणा भी की है, लेकिन अभी तक कोई अधिकृत सूचना नहीं आई है। आदेश आने पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लैब बनने के पश्चात निश्चित ही अपराधों की जांच में मदद मिलेगी।
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जल्द ही झांसी में भी फोरेंसिक लैब का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। लैब निर्माण की स्वीकृति तो शासन ने बहुत पहले दे दी थी, अब इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इंतजार है तो बस, धनराशि के आवंटित होने का। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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आपराधिक वारदातों की सूक्ष्म पड़ताल में फोरेंसिक साइंस की अहम भूमिका होती है। सबूत के साथ सही अपराधी तक पहुंचने का प्रमुख जरिया फोरेंसिक साइंस को सबसे बेहतर माना जाता है।
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वर्तमान में प्रदेश में केवल दो विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें से एक लखनऊ और दूसरी आगरा में है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है। इससे जांच प्रभावित होती है।
झांसी में लंबी अवधि से परिक्षेत्र स्तरीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) की स्थापना की मांग की जा रही थी, जिसे उत्तर प्रदेश शासन ने मान लिया था। इसके लिए झांसी पुलिस लाइन के पिछले हिस्से में जमीन भी चिह्नित की जा चुकी थी। सिर्फ बजट के इंतजार में मामला लटका था। शासन के वर्ष 2016-2017 के बजट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासन से धनराशि आते ही फोरेंसिक लैब का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
फोरेंसिक लैब बनने से बड़ा केेंद्र बनेगा झांसी
हाल ही में स्थानांतरित हुए एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग के एक कार्यक्रम में दावा किया था कि झांसी में जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) का निर्माण होगा। इसके निर्माण से यहां आपराधिक मामलों की जांच में जहां विशेष सहयोग मिलेगा। वहीं, लैब से विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों को भी सीधे उससे जुड़कर व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने में मदद मिलेगी।
आदेश का इंतजार
पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार के अनुसार विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) के निर्माण का प्रस्ताव तो है और जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने बजट में इसके लिए धनराशि दिए जाने की घोषणा भी की है, लेकिन अभी तक कोई अधिकृत सूचना नहीं आई है। आदेश आने पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लैब बनने के पश्चात निश्चित ही अपराधों की जांच में मदद मिलेगी।