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मरीज नहीं बनेंगे ढाल, सील होंगे हर हाल
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:27 AM IST
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- फोटो : demo pic
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नक्शे निरस्त होने वाले नर्सिंगहोम सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए भर्ती मरीजों को अपनी ढाल न बना सकें, इसके लिए सीएमओ के नेतृत्व में टीम गठित की जा रही है। जो मौके पर जाकर मरीजों की प्राथमिक जांच करेेगी। हालत गंभीर होने पर मरीजों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई होगी।
बिना नक्शा पास कराए चल रहे नर्सिंगहोम के नक्शे निरस्त करने के बाद अब उनको सील करने की बारी है। इसलिए अब तय किया गया है कि जल्द ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की जाएगी, जो जांच कर नक्शे निरस्त करने की कार्रवाई करेगी। इस टीम में जल संस्थान, बिजली विभाग, नगर निगम और फायर ब्रिगेड के अफसर शामिल किए जाएंगे, जो नर्सिंगहोम में जाकर वहां की बिजली और पानी की सप्लाई काट देंगे। इसके बाद यदि कोई मरीज भर्ती होगा तो उसे भी डिस्चार्ज कराएंगे। नर्सिंगहोम संचालक मरीज की बीमारी की आड़ न ले सकें, इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी मरीज की प्राथमिक जांच करेंगे और अंदाजा लगाएंगे कि मरीज की क्या स्थिति है। यदि गंभीर हुआ तो उसे आसपास के अन्य किसी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया जाएगा और मरीज सामान्य हुआ तो उसे छुट्टी दे दी जाएगी। इसके बाद जेडीए के अफसर नर्सिंगहोम को सील कर देंगे।
इनसेट
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टाउन प्लानर ने मांगी जेडीए से सूची
जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने पांच नर्सिंगहोमों का निरीक्षण किया था। उन्होंने शहर के सभी नर्सिंगहोम चेक कर मानक के अनुरूप बने हैं या नहीं, इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश टाउन प्लानर को दिए थे। इस पर टाउन प्लानर ने जेडीए से सभी नर्सिंगहोम की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद वह देखेंगे कि किस नर्सिंगहोम का नक्शा स्वीकृत नहीं है। उसमें पार्किंग की पर्याप्त जगह है या नहीं, नर्सिंगहोम का लैंडयूज क्या है, सड़क कितनी चौड़ी है, नर्सिंगहोम का क्षेत्रफल मानक के अनुरूप है या नहीं, इन सभी बिंदुओं के आधार पर नर्सिंगहोम की जांच की जाएगी और रिपोर्ट प्रभारी मंत्री को सौंपी जाएगी। टाउन प्लानर एनके पुष्कर्ण ने बताया कि सूची मिलने के बाद जांच शुरू होगी।
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बिना नक्शा पास कराए चल रहे नर्सिंगहोम के नक्शे निरस्त करने के बाद अब उनको सील करने की बारी है। इसलिए अब तय किया गया है कि जल्द ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की जाएगी, जो जांच कर नक्शे निरस्त करने की कार्रवाई करेगी। इस टीम में जल संस्थान, बिजली विभाग, नगर निगम और फायर ब्रिगेड के अफसर शामिल किए जाएंगे, जो नर्सिंगहोम में जाकर वहां की बिजली और पानी की सप्लाई काट देंगे। इसके बाद यदि कोई मरीज भर्ती होगा तो उसे भी डिस्चार्ज कराएंगे। नर्सिंगहोम संचालक मरीज की बीमारी की आड़ न ले सकें, इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी मरीज की प्राथमिक जांच करेंगे और अंदाजा लगाएंगे कि मरीज की क्या स्थिति है। यदि गंभीर हुआ तो उसे आसपास के अन्य किसी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया जाएगा और मरीज सामान्य हुआ तो उसे छुट्टी दे दी जाएगी। इसके बाद जेडीए के अफसर नर्सिंगहोम को सील कर देंगे।
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टाउन प्लानर ने मांगी जेडीए से सूची
जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने पांच नर्सिंगहोमों का निरीक्षण किया था। उन्होंने शहर के सभी नर्सिंगहोम चेक कर मानक के अनुरूप बने हैं या नहीं, इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश टाउन प्लानर को दिए थे। इस पर टाउन प्लानर ने जेडीए से सभी नर्सिंगहोम की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद वह देखेंगे कि किस नर्सिंगहोम का नक्शा स्वीकृत नहीं है। उसमें पार्किंग की पर्याप्त जगह है या नहीं, नर्सिंगहोम का लैंडयूज क्या है, सड़क कितनी चौड़ी है, नर्सिंगहोम का क्षेत्रफल मानक के अनुरूप है या नहीं, इन सभी बिंदुओं के आधार पर नर्सिंगहोम की जांच की जाएगी और रिपोर्ट प्रभारी मंत्री को सौंपी जाएगी। टाउन प्लानर एनके पुष्कर्ण ने बताया कि सूची मिलने के बाद जांच शुरू होगी।
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