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बस के इंतजार में दिन भर इधर से उधर भटकते रहे यात्री
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झांसी। विधान सभा चुनाव के लिए 47 रोडवेज और 400 निजी बसों का चुनाव ड्यूटी के लिए अधिग्रहण कर लिया गया है। इससे यात्रियों को दिन भर बसों के लिए इधर से उधर भटकना पड़ा।
महानगर में 20 फरवरी को चार विधानसभा सीटों पर चुनाव है। चुनाव ड्यूटी में लगे मतदान कर्मचारियों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए 400 निजी और 50 रोडवेज बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। इससे कस्बा सहित अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को तीन से चार घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, महानगर से कस्बा क्षेत्र में जाने वाले लोगों को बस स्टैंड पर इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। इसके बाद कई घंटे तक इंतजार करने के बाद जब बस मिलती है, तो भीड़ के कारण यात्रियों को बस में खड़े - खड़े यात्रा करनी पड़ रही है। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, यात्रियों का आरोप है कि बसों की संख्या कम होने के कारण बस संचालक भी मन मुताबिक किराया ले रहे हैं।
जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर
रोडवेज बसों और निजी वाहनों की कमी के संकट के चलते यात्रियों को जान जोखिम में डालकर बसों और डग्गामार वाहनों में लटक कर यात्रा करनी पड़ रही है। बसों में ज्यादा भीड़ होने के कारण यात्रियों को बस में जगह नहीं मिल रही है।
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छतरपुर जाने के लिए बस स्टैंड पर तीन घंटे से इंतजार कर रहा हूं । लोगों ने बताया कि सभी बसें चुनाव में चली गई हैं। - सलमान खान, यात्री
प्रतिदिन पन्ना से निजी बसों से महानगर काम करने के लिए आना - जाना होता है, चुनाव में बसें लगने से बहुत परेशानी हो रही है। - संजू कुशवाहा
टहरौली शादी में जाना है, लेकिन बस का इंतजार दो घंटे से कर रहा हूं, अभी तक बस नहीं आई है, अब दूसरे साधन से जाना पड़ेगा। - प्रमोद कुशवाहा
सभी बसें चुनाव में जाने से निजी बस संचालक मन मुताबिक किराया ले रहे हैं, कोई दूसरी व्यवस्था न होेने के कारण ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। - सुनील
मऊरानीपुर रूट की रोडवेज और निजी बसें कम होने के कारण डग्गामार वाहनों से ज्यादा रुपये देकर शादी- बरातों में जा रहे हैं, परेशानी तो बहुत है। - देवेंद्र
हमें कोंच जाना है, लेकिन कोई बस नहीं है। इस बार यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बस चालक रुपयों के लालच में ज्यादा सवारी भर रहे हैं। - बब्लू
चुनाव ड्यूटी में लगे मतदान कर्मचारियों, पुलिस कर्मचारियों और सैन्य बल को पोलिंग बूथ पर पहुंचाने के लिए 47 लगाई गई है। 21 फरवरी को और 20 बसें चलीं जाएंगी। यात्रियों को कुछ दिन और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम
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महानगर में 20 फरवरी को चार विधानसभा सीटों पर चुनाव है। चुनाव ड्यूटी में लगे मतदान कर्मचारियों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए 400 निजी और 50 रोडवेज बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। इससे कस्बा सहित अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को तीन से चार घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, महानगर से कस्बा क्षेत्र में जाने वाले लोगों को बस स्टैंड पर इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। इसके बाद कई घंटे तक इंतजार करने के बाद जब बस मिलती है, तो भीड़ के कारण यात्रियों को बस में खड़े - खड़े यात्रा करनी पड़ रही है। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, यात्रियों का आरोप है कि बसों की संख्या कम होने के कारण बस संचालक भी मन मुताबिक किराया ले रहे हैं।
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जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर
रोडवेज बसों और निजी वाहनों की कमी के संकट के चलते यात्रियों को जान जोखिम में डालकर बसों और डग्गामार वाहनों में लटक कर यात्रा करनी पड़ रही है। बसों में ज्यादा भीड़ होने के कारण यात्रियों को बस में जगह नहीं मिल रही है।
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छतरपुर जाने के लिए बस स्टैंड पर तीन घंटे से इंतजार कर रहा हूं । लोगों ने बताया कि सभी बसें चुनाव में चली गई हैं। - सलमान खान, यात्री
प्रतिदिन पन्ना से निजी बसों से महानगर काम करने के लिए आना - जाना होता है, चुनाव में बसें लगने से बहुत परेशानी हो रही है। - संजू कुशवाहा
टहरौली शादी में जाना है, लेकिन बस का इंतजार दो घंटे से कर रहा हूं, अभी तक बस नहीं आई है, अब दूसरे साधन से जाना पड़ेगा। - प्रमोद कुशवाहा
सभी बसें चुनाव में जाने से निजी बस संचालक मन मुताबिक किराया ले रहे हैं, कोई दूसरी व्यवस्था न होेने के कारण ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। - सुनील
मऊरानीपुर रूट की रोडवेज और निजी बसें कम होने के कारण डग्गामार वाहनों से ज्यादा रुपये देकर शादी- बरातों में जा रहे हैं, परेशानी तो बहुत है। - देवेंद्र
हमें कोंच जाना है, लेकिन कोई बस नहीं है। इस बार यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बस चालक रुपयों के लालच में ज्यादा सवारी भर रहे हैं। - बब्लू
चुनाव ड्यूटी में लगे मतदान कर्मचारियों, पुलिस कर्मचारियों और सैन्य बल को पोलिंग बूथ पर पहुंचाने के लिए 47 लगाई गई है। 21 फरवरी को और 20 बसें चलीं जाएंगी। यात्रियों को कुछ दिन और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम