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जेनरेटर यान हटाकर चार ट्रेनों की बढ़ाई यात्री क्षमता
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झांसी। रेल मंडल से संचालित चार लंबी दूरी की ट्रेनों से जेनरेटर यान हटाकर उसकी जगह यात्री कोच जोड़ दिए गए हैं। इससे संबंधित ट्रेनों में सीटों की संख्या बढ़ गई है। दरअसल, अभी तक तमाम रेलवे लाइनों पर ओएचई (ओवर हैड इलेक्ट्रिक) लाइन नहीं थी। इस कारण लंबी दूरी की ट्रेनों में विद्युत उपकरणों को चलाने के लिए आगे पीछे जेनरेटर यान कोच लगाने पड़ते थे। मगर अब यह समस्या नहीं रही है।
अभी तक रेल मंडल से संचालित ग्वालियर/ मथुरा हावड़ा चंबल एक्सप्रेस, झांसी कोलकाता बैरकपुर एक्सप्रेस, ग्वालियर बलरामपुर एक्सप्रेस व ग्वालियर पुणे एक्सप्रेस ट्रेनों में एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच लगे हैं। इन ट्रेनों के इंजन के बाद व सबसे पीछे एक- एक जनरेटर यान कोच लगकर चल रहा था। जनरेटर यान से उत्पन्न होने वाली बिजली से सवारी कोचों में लाइट, पंखे, एसी और अन्य ऑन बोर्ड उपकरणों की आवश्यकता को पूरा किया जाता है। जनरेटर यान डीजल से चलता है, जिससे आवाज भी तेज होती है। मगर, रेलवे ने अब बिजली के उपकरणों को ओएचई लाइन से जोड़ दिया है। ओएचई लाइन से सबसे पहले इंजन को बिजली मिलती है इसके बाद पावर कपलर की मदद से अन्य कोचों में पहुंचती है। इससे जनरेटर यान की आवश्यकता खत्म हो गई। रेलवे ने अब इंजन के बगल में लगने वाले एक जेनरेटर यान को हटाकर उसकी जगह यात्री कोच जोड़ दिया है। जबकि पीछे लगने वाले जनरेटर यान को विकल्प के रूप में रखा गया है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभी मंडल की चार ट्रेनों से जनरेटर यान हटाए गए हैं।
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अभी तक रेल मंडल से संचालित ग्वालियर/ मथुरा हावड़ा चंबल एक्सप्रेस, झांसी कोलकाता बैरकपुर एक्सप्रेस, ग्वालियर बलरामपुर एक्सप्रेस व ग्वालियर पुणे एक्सप्रेस ट्रेनों में एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच लगे हैं। इन ट्रेनों के इंजन के बाद व सबसे पीछे एक- एक जनरेटर यान कोच लगकर चल रहा था। जनरेटर यान से उत्पन्न होने वाली बिजली से सवारी कोचों में लाइट, पंखे, एसी और अन्य ऑन बोर्ड उपकरणों की आवश्यकता को पूरा किया जाता है। जनरेटर यान डीजल से चलता है, जिससे आवाज भी तेज होती है। मगर, रेलवे ने अब बिजली के उपकरणों को ओएचई लाइन से जोड़ दिया है। ओएचई लाइन से सबसे पहले इंजन को बिजली मिलती है इसके बाद पावर कपलर की मदद से अन्य कोचों में पहुंचती है। इससे जनरेटर यान की आवश्यकता खत्म हो गई। रेलवे ने अब इंजन के बगल में लगने वाले एक जेनरेटर यान को हटाकर उसकी जगह यात्री कोच जोड़ दिया है। जबकि पीछे लगने वाले जनरेटर यान को विकल्प के रूप में रखा गया है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभी मंडल की चार ट्रेनों से जनरेटर यान हटाए गए हैं।
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