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सदमे में पुरातन छात्र, पॉलीटेक्निक के इतिहास की सबसे दागदार घटना बताया

Wed, 14 Oct 2020 12:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:00 AM IST
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Pass out student speak This matter is very bad in history
झांसी। राजकीय पॉलीटेक्निक झांसी से पासआउट छात्रों को सामूहिक दुष्कर्म की घटना से काफी सदमा पहुंचा है। पुरातन छात्रों ने एक सुर में घटना की निंदा करते हुए कहा कि पॉलीटेक्निक के इतिहास में यह सबसे दागदार घटना है। 1990 से 2000 के बीच पासआउट कई छात्रों से अमर उजाला ने बात की तो सभी ने कहा कि तब से अब तक नैतिकता का काफी पतन हो चुका है। माहौल तो बहुत बदल गया है। छात्रों में अनुशासन की कमी आई है तो प्रबंधन का रवैया भी पहले जैसा सख्त नहीं रहा है।
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पॉलीटेक्निक झांसी के 1995 बैच का पासआउट हूं। उस समय पॉलीटेक्निक का माहौल बहुत सकारात्मक था। छात्रों के बीच किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं थी। सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बारे में सुनकर बेहद धक्का लगा है। आरोपी छात्र तो सौ प्रतिशत दोषी हैं ही, कहीं न कहीं मैनेजमेंट की ढिलाई भी जिम्मेदार है। संस्थान के अधिकारियों को सख्त अनुशासनात्मक माहौल रखना चाहिए। - संजीव दीक्षित, ब्रांड एंबेस्डर, बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन, यूपी।
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वर्ष 1993 में झांसी से पॉलीटेक्निक की पढ़ाई पूरी की। तब से अब तक नैतिकता का बहुत पतन हो चुका है। सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जानकारी होने के बाद से बेहद दुखी हूं। जब हम पॉलीटेक्निक में पढ़ते थे, तब छात्र-छात्राओं के बीच दोस्ताना माहौल था। एक-दूसरे की मदद को सभी तैयार रहते थे। सीनियर छात्र भी जूनियर्स को एकता का संदेश देते थे। - अशोक गुप्ता, पूर्व ब्रांड एंबेस्डर, बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन, यूपी।
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इस घटना से पॉलीटेक्निक का नाम बदनाम हुआ है। हम लोग जब पढ़ते थे, तब पढ़ाई के अलावा कुछ भी सोचते नहीं थे। आज के छात्र इतनी बड़ी घटना को कैसे अंजाम दे दे रहे हैं, यह समझ ही नहीं आ रहा। इस घटना के बाद से बेहद दुखी हूं। दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे उनकी रूह तक कांप जाए। वहीं, आगे कोई भी ऐसी घटना को अंजाम न दे पाए। - संजीव कुमार दुबे, स्टेशन मास्टर, रेलवे स्टेशन झांसी।

पाश्चात्य संस्कृति की ओर युवाओं का झुकाव काफी बढ़ रहा है। जब हम झांसी पॉलीटेक्निक से पढ़ाई कर रहे थे, तब एंड्रायड मोबाइल, इंटरनेट का चलन नहीं था। आज की युवा पीढ़ी इंटरनेट पर न जाने क्या-क्या देख रही है। आज छात्रों में अनुशासन की कमी आई है। पॉलीटेक्निक के इतिहास में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। प्रार्थना करूंगा कि भविष्य में आगे कभी ऐसी दर्दनाक घटना न हो। - दिलीप दासानी, कारोबारी।
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