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पर्यावरण बचाने से बचेंगी पीढ़ियां

Tue, 23 Apr 2019 01:13 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Tue, 23 Apr 2019 01:13 AM IST
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paryavaran bachane se bachengi pidhinya
enviernment - फोटो : demo
झांसी। विश्व पृथ्वी दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन और नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से एक सकारात्मक पहल की है। इसके तहत सोमवार को पर्यावरण संरक्षण विषय पर संगोष्ठी हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण बचाने से ही भावी पीढ़ियां बचेंगी। इस दौरान बरगद का एक पौधा भी रोपा गया।
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अमर उजाला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अपने विचार साझा कर पर्यावरण संरक्षण के लिए सुझाव दिए। इस दौरान सभी ने प्रकृति से लगातार हो रहे छेड़छाड़ से पर्यावरण में हो रहे बदलाव पर चिंता जताई। इस दौरान कारोबारी प्रणय अग्रवाल ने कहा कि जिस प्रकार से हम अपने बच्चे का लालन पालन करते हैं, प्रकृति का भी पोषण करना चाहिए। अमित साहू ने प्लास्टिक को पूरी तरीके से प्रतिबंधित करने की अपील की।  कुलदीप तिवारी ने सुझाव दिया कि पौधों को रोपने के लिए स्वयं आगे आएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। संजीव साहू ने कहा कि पृथ्वी और प्रकृति से छेड़छाड़ से ग्लोबल वार्मिंग, भूकंप और सुनामी जैसे मंजर देखने को मिल रहे हैं। जरूरी है कि समय रहते चेत जाएं और पृथ्वी को बचाएं।
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जिस तरह से हम होली, दिवाली जैसे त्योहार मनाते हैं, उसी तरह से वर्ल्ड अर्थ डे जैसे दिन भी मनाना चाहिए। ये अभियान सराहनीय है। इस अभियान के साथ कदमताल करते हुए पर्यावरण संरक्षण का कार्य करूंगा।
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- नीरज स्वामी, व्यापारी


खुद पौधे नहीं रोक सकते, तो अपने आसपास लगे पेड़ - पौधों को संरक्षित तो कर ही सकते हैं। इसकेे लिए ज्यादा कुछ नहीं करना होगा। बस रोजाना उसे सींचना होगा। ये पहल दूसरों को भी सीख देगी।
- विकास, व्यापारी


वृक्ष हमें आक्सीजन के रूप में जीवन देते हैं। लेकिन, अपने फायदे के लिए इन्हें नष्ट करने का काम कर रहे हैं, कहीं विकास के नाम पर तो कहीं फायदे के लिए। इसे रोकना होगा। वरना भविष्य में संकट होगा।
 - पुनीत अग्रवाल, व्यापारी

किसी भी समारोह में जाएं तो अन्य उपहार देने के बजाय एक पौधा उपहार स्वरूप भेंट करें। इससे लोगों की सोच बदलेगी। इस पद्धति को मैं और मेरा परिवार अपना रहा है। इससे बदलाव भी देखने को मिल रहा है।

- अभिषाल शिवहरे, व्यापारी


ये पहल स्वागतयोग्य है। अपील करता हूं कि इस अभियान में हम सभी सहयोग दें। ताकि, पर्यावरण को बचाया जा सके। आज पर्यावरण बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ी को संकटों का सामना नहीं करना होगा।
- पवित्र खन्ना, व्यापारी
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