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पारीछा प्लांट को आठ हजार टन मिला कोयला, चौथी इकाई नहीं हो सकी चालू
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झांसी। पारीछा थर्मल पावर प्लांट को बृहस्पतिवार को दो मालगाड़ी कोयला (आठ हजार टन) और मिल गया। इससे बिगड़ रही स्थिति संभल गई है। कोयला न मिलने पर एक इकाई को बंद करने की स्थिति बन सकती थी। अभी प्लांट की चार में से तीन इकाइयों से उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट में तीन में से दो इकाइयों से उत्पादन चल रहा है। यहां की एक इकाई तकनीकी खराबी से मंगलवार से बंद है। वर्तमान में दोनों प्लांटों में 2030 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
झांसी (पारीछा) के थर्मल पावर प्लांट और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। लेकिन, कोयले की कमी की वजह से पिछले दो हफ्ते से उत्पादन में गिरावट चल रही है। वर्तमान में पारीछा की चार इकाइयों में तीन से 710 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। कोयले की कमी से 210 मेगावाट की एक इकाई बंद चल रही है। चारों इकाइयों को एक साथ चलाने के लिए तीन से चार मालगाड़ी (रैक) कोयले की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन इन दिनों एक या दो मालगाड़ी कोयला ही प्रतिदिन मिल पा रहा है। बृहस्पतिवार को दो रैक मिलने से स्थिति नहीं बिगड़ सकी।
इसी तरह ललितपुर प्लांट की 660- 660 मेगावाट की तीन इकाइयों में से दो से उत्पादन हो रहा है। एक इकाई मंगलवार को तकनीकी खराबी से बंद हो गई थी, जिसकी मरम्मत की जा रही है।
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- बृहस्पतिवार को दो मालगाड़ी कोयला मिल गया। इससे तीन इकाइयों के उत्पादन में बाधा उत्पन्न नहीं हो सकी। स्टॉक में भी साढ़े सात हजार टन कोयला रखा है।
एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।
- तीन में से दो इकाइयों से उत्पादन चालू है। तकनीकी खराबी से बंद एक इकाई का मरम्मत कार्य चल रहा है।
राजीव श्रीवास्तव, असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट (बजाज पावर प्लांट)
रेलवे ने बढ़ाई कोयला लेकर जा रहीं मालगाड़ियों की निगरानी
रेलवे ने कोयला लेकर गुजरने वालीं मालगाड़ियों की निगरानी बढ़ा दी है, ताकि वह समय से संबंधित पावर प्लांट तक पहुंच सकें। इसके लिए मंडल नियंत्रण कार्यालय में अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। झांसी मंडल से प्रतिदिन दिल्ली, जबलपुर, सूरतगढ़, बीना, बीकानेर, अंबाला, दादरी, पारीछा, ललितपुर स्थित प्लांट पर जाने वालीं 20 से अधिक मालगाड़ियां गुजरती हैं।
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झांसी (पारीछा) के थर्मल पावर प्लांट और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। लेकिन, कोयले की कमी की वजह से पिछले दो हफ्ते से उत्पादन में गिरावट चल रही है। वर्तमान में पारीछा की चार इकाइयों में तीन से 710 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। कोयले की कमी से 210 मेगावाट की एक इकाई बंद चल रही है। चारों इकाइयों को एक साथ चलाने के लिए तीन से चार मालगाड़ी (रैक) कोयले की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन इन दिनों एक या दो मालगाड़ी कोयला ही प्रतिदिन मिल पा रहा है। बृहस्पतिवार को दो रैक मिलने से स्थिति नहीं बिगड़ सकी।
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इसी तरह ललितपुर प्लांट की 660- 660 मेगावाट की तीन इकाइयों में से दो से उत्पादन हो रहा है। एक इकाई मंगलवार को तकनीकी खराबी से बंद हो गई थी, जिसकी मरम्मत की जा रही है।
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- बृहस्पतिवार को दो मालगाड़ी कोयला मिल गया। इससे तीन इकाइयों के उत्पादन में बाधा उत्पन्न नहीं हो सकी। स्टॉक में भी साढ़े सात हजार टन कोयला रखा है।
एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।
- तीन में से दो इकाइयों से उत्पादन चालू है। तकनीकी खराबी से बंद एक इकाई का मरम्मत कार्य चल रहा है।
राजीव श्रीवास्तव, असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट (बजाज पावर प्लांट)
रेलवे ने बढ़ाई कोयला लेकर जा रहीं मालगाड़ियों की निगरानी
रेलवे ने कोयला लेकर गुजरने वालीं मालगाड़ियों की निगरानी बढ़ा दी है, ताकि वह समय से संबंधित पावर प्लांट तक पहुंच सकें। इसके लिए मंडल नियंत्रण कार्यालय में अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। झांसी मंडल से प्रतिदिन दिल्ली, जबलपुर, सूरतगढ़, बीना, बीकानेर, अंबाला, दादरी, पारीछा, ललितपुर स्थित प्लांट पर जाने वालीं 20 से अधिक मालगाड़ियां गुजरती हैं।