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Jhansi News: बारिश की कमी से धान की बोआई 36 फीसदी घटी
Thu, 06 Aug 2026 02:34 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:34 AM IST
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झांसी। पर्याप्त बारिश न होने से इस खरीफ सीजन में जिले में धान की बोआई पिछले वर्ष की तुलना में करीब 36 प्रतिशत घट गई। हालांकि किसानों ने मौसम को देखते हुए फसल पैटर्न बदला और धान की जगह उड़द, तिल, मूंग, मूंगफली जैसी कम पानी वाली फसलों का रकबा बढ़ा दिया। इसके चलते जिले का कुल खरीफ रकबा पिछले साल की तुलना में बढ़ गया है।
कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले में 92,450 हेक्टेयर में धान की बोआई हुई थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 59,102 हेक्टेयर रह गई। कम बारिश का असर धान के अलावा अरहर, ज्वार, बाजरा और कुछ अन्य फसलों पर भी पड़ा। इसके विपरीत किसानों ने बुंदेलखंड की पारंपरिक एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दी।
उड़द का रकबा 25,995 हेक्टेयर से बढ़कर 90,350 हेक्टेयर, तिल का 48,895 से बढ़कर 99,096 हेक्टेयर, मूंग का 3,675 से बढ़कर 8,994 हेक्टेयर तथा मूंगफली का रकबा 1,57,250 से बढ़कर 2,15,847 हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाज की खेती में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ज्वार का रकबा 1,105 से घटकर 650 हेक्टेयर, बाजरा 95 से घटकर 50 हेक्टेयर और अरहर 2,080 से घटकर 270 हेक्टेयर रह गई।
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फसल पैटर्न में बदलाव का असर जिले के कुल खरीफ रकबे पर भी दिखा। पिछले वर्ष 3,34,782 हेक्टेयर के मुकाबले इस बार कुल बोआई बढ़कर 4,76,914 हेक्टेयर पहुंच गई, यानी 1,42,132 हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कम बारिश को देखते हुए किसानों ने फसल चयन में बदलाव किया है। इसी कारण कम पानी वाली कई फसलों का रकबा बढ़ा है।
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वर्ष
कुल खरीफ रकबा
2025-26
3,34,782 हेक्टेयर
2026-27
4,76,914 हेक्टेयर
बढ़ोतरी : 1,42,132 हेक्टेयर
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कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले में 92,450 हेक्टेयर में धान की बोआई हुई थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 59,102 हेक्टेयर रह गई। कम बारिश का असर धान के अलावा अरहर, ज्वार, बाजरा और कुछ अन्य फसलों पर भी पड़ा। इसके विपरीत किसानों ने बुंदेलखंड की पारंपरिक एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दी।
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उड़द का रकबा 25,995 हेक्टेयर से बढ़कर 90,350 हेक्टेयर, तिल का 48,895 से बढ़कर 99,096 हेक्टेयर, मूंग का 3,675 से बढ़कर 8,994 हेक्टेयर तथा मूंगफली का रकबा 1,57,250 से बढ़कर 2,15,847 हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाज की खेती में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ज्वार का रकबा 1,105 से घटकर 650 हेक्टेयर, बाजरा 95 से घटकर 50 हेक्टेयर और अरहर 2,080 से घटकर 270 हेक्टेयर रह गई।
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फसल पैटर्न में बदलाव का असर जिले के कुल खरीफ रकबे पर भी दिखा। पिछले वर्ष 3,34,782 हेक्टेयर के मुकाबले इस बार कुल बोआई बढ़कर 4,76,914 हेक्टेयर पहुंच गई, यानी 1,42,132 हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कम बारिश को देखते हुए किसानों ने फसल चयन में बदलाव किया है। इसी कारण कम पानी वाली कई फसलों का रकबा बढ़ा है।
वर्ष
कुल खरीफ रकबा
2025-26
3,34,782 हेक्टेयर
2026-27
4,76,914 हेक्टेयर
बढ़ोतरी : 1,42,132 हेक्टेयर